
डॉ. संजय उपाध्याय रतलाम। जिले में लगातार बढ़ रही फर्जी सीएम हेल्पलाईन शिकायतों व ब्लैकमेल कर परेशान करने वालों को लेकर नवभारत ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।
इसी खबर को लेकर अब सीएम हेल्पलाईन के संचालक ने सभी कलेक्टर को पत्र जारी किया हैं। इसमें सीएम हेल्पलाइन पर आदतन झूठी शिकायत करने वाले और ब्लैकमेलिंग करने वाले लोगों पर लगाम कसने के लिए ऐसे फेक कॉलर्स के बारे में जानकारी मांगी है और उनकी पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने वाले लोगों में फेक शिकायतर्ताओं की बढ़ रही तादाद को देखते हुए सीएम हेल्पलाईन भोपाल संचालक ने ऐसे झूठे और भ्रामक शिकायतकर्ताओं पर लगाम कसने के लिए एक्शन लिया है। एक पत्र जारी कर सीएम हेल्पलाइन पर आने वाले सभी फेक कॉलर्स के बारे में जानकारी मांगी है। गौरतलब है सीएम हेल्पलाइन लोगों की शिकायत निवारण के लिए एक सिंगल विंडो केंद्र के रूप में स्थापित किया गया है, जो लोग अपनी शिकायतों के निवारण के लिए डायरेक्ट अपनी शिकायत दर्ज करवाते हैं और अपनी शिकायत का अपडेट ले सकते हैं, लेकिन कुछ कुछ लोग इसका दुरुपयोग कर रहे हैं और झूठी शिकायत दर्ज करवाकर ब्लैकमेल तक करते हैं।
फर्जी कॉलर्स के मोबाइल की मांगी गई जानकारी
जिलाधिकारियों से कहा गया है कि वो सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज झूठी एवं आदतन शिकायतकर्ताओं की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराएं। निर्देश दिया गया है कि पोर्टल पर पंजीकृत झूठी/आदतन शिकायतकर्ताओं की सूची तैयार की जाए, जिसमें नाम,मोबाइल नंबर,कुल शिकायतों की संख्या व संबंधित टिप्पणियाँ शामिल हों।
प्रशासन तैयार कर रहा जानकारी
पत्र जारी होने के बाद प्रशासन लगातार लम्बें समय से लंबित शिकायत, बार-बार एक ही विभाग में एक जैसी अलग-अलग शिकायत, शिकायत कर फोन नहीं उठाने वालों और नाम और नम्बर बदलकर एक जैसी शिकायत, अथ्यहीन शिकायत की सूची तैयार की जा रही हैं। इनमें लगातार शिकायत की सूची लम्बी होने की संभावना हैं। प्रशासन सभी विभागों से शिकायत को लेकर जानकारी एकत्रित कर रहा हैं। सूत्री की माने तो ऐसी शिकायतें सबसे ज्यादा नगर निगम में हैं।
प्रपत्र में मांगी जानकारी
सीएम हेल्पलाईन भोपाल संचालक ने सभी कलेक्टर को पत्र जारी कर जानकारी मांगी हैं। जारी पत्र के साथ एक प्रपत्र भेजा गया हैं। इसमें सभी कलेक्टर से जानकारी प्रपत्र अनुसार भेजने को कहा गाया हैं। प्रपत्र में शिकायतकर्ता का नाम,मोबाइल नंबर,कुल शिकायतों की संख्या व शिकायतकर्ता के बारे में रिमार्क मांगा गया हैं।
