छतरपुर: 8 प्राथमिक और 3 उच्च विद्यालय के शिक्षक फर्जी दस्तावेज़ों के सहारे बने सरकारी कर्मचारी।मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जिले में 2023 में हुई शिक्षक भर्ती में फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र पेश कर नौकरी पाने वाले 11 शिक्षकों के खिलाफ जिला शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर कोतवाली थाने में FIR दर्ज की गई है। इस मामले में शिक्षा विभाग और प्रशासन दोनों सकते में हैं।
जानकारी के अनुसार, दो साल से ये शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में पढ़ा रहे थे। जांच में खुलासा हुआ कि आठ शिक्षक प्राथमिक और तीन शिक्षक उच्च विद्यालयों में पदस्थ हैं। सभी ने कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर दिव्यांग कोटे से सरकारी नौकरी हासिल की थी। इस फर्जीवाड़े का पता चलते ही अधिकारी सकते में आ गए और तुरंत कार्रवाई की गई।
शिकायत के मुताबिक, जिले में कुछ शिक्षकों के फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी पाने की खबरें मिल रही थीं। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस पर गंभीरता से ध्यान देते हुए जांच शुरू करवाई और फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। FIR दर्ज होने के बाद कोतवाली पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना न केवल भर्ती प्रक्रिया की कमियों को उजागर करती है बल्कि वास्तविक दिव्यांग अभ्यर्थियों के हक़ को भी प्रभावित करती है। अब प्रशासन और पुलिस दोनों ही दोषियों को कानून के दायरे में लाने के लिए पूरी तैयारी में हैं।इस घटना ने जिले में शिक्षा प्रणाली की साख पर सवाल खड़ा कर दिया है और भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत को रेखांकित किया है
