संयुक्त राष्ट्र ने सूडान के अल फशर को कहा “पीड़ा का केंद्र”

खार्तूम, 26 सितंबर (वार्ता) संयुक्त राष्ट्र ने सूडान के उत्तरी दारफुर राज्य की राजधानी अल फशेर को अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) द्वारा 500 से अधिक दिनों तक घेरे में रखे जाने के बाद “पीड़ा का केंद्र” करार दिया।

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने गुरुवार को अपने नवीनतम अपडेट में कहा, “अल फशर के लोग सूडान के जारी संघर्ष का खामियाजा भुगत रहे हैं। नागरिक अपने घरों में, अस्पतालों में और यहां तक कि पूजा स्थलों में भी मारे जा रहे हैं।”

ओसीएचए ने कहा कि नागरिकों को गोलाबारी, हवाई हमलों और ड्रोन हमलों का रोज़ाना ख़तरा रहता है और हाल ही में शहर के उत्तर-पूर्वी ज़िलों में झड़पें हुई हैं। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि शहर के चारों ओर 30 किलोमीटर से ज़्यादा मिट्टी के अवरोधक लगे हैं जिससे आवाजाही पर रोक लगी है और निवासी अंदर ही फंसे हुए हैं।

एजेंसी ने कहा कि हाल के हफ़्तों में अबू शौक़ शिविर पर 50 से ज़्यादा बमबारी हुई है, जिससे विस्थापन और नागरिक हताहतों की संख्या बढ़ गई है। एजेंसी का अनुमान है कि 1,30,000 बच्चों सहित लगभग 2,60,000 लोग अल फ़शर में फंसे हुए हैं और उनके लिए बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं है।

लड़ाई जारी रहने और धन की कमी के कारण आवश्यक सेवाएं चरमरा रही हैं। ओसीएचए ने कहा कि शहर के एकमात्र चालू अस्पताल तक पानी की ट्रकिंग रोक दी गई है और सामुदायिक रसोई बंद कर दी गई हैं।

अल फशर और आस-पास के शिविर 2024 से आरएसएफ द्वारा लगभग लगातार घेरे में हैं। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि अगर सूडानी सेना अतिरिक्त बल नहीं भेजती है तो शहर आरएसएफ के कब्जे में आ सकता है।

सूडानी सेना और आरएसएफ के बीच व्यापक संघर्ष अप्रैल 2023 में शुरू हुआ जिसने सूडान के अंदर और उसकी सीमाओं के पार हजारों लोगों की जान ले ली और लाखों लोगों को विस्थापित कर दिया।

Next Post

खरगे में डॉ मनमोहन सिंह को जयंती पर किया नमन

Fri Sep 26 , 2025
नयी दिल्ली, 26 सितबर (वार्ता) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को उनकी जयंती पर नमन करते हुए शुक्रवार को कहा कि देश में उन्होंने जो आर्थिक सुधार शुरु किए उसके कारण राष्ट्र आज तेजी से आर्थिक प्रगति कर रहा है। श्री खरगे सोशल मीडिया एक्स एक […]

You May Like