ग्वालियर: साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे के बीच ग्वालियर पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। अब आरक्षक से लेकर डीएसपी तक सभी पुलिसकर्मी साइबर सुरक्षा और अपराध जाँच का सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण लेंगे।इस नए पाठ्यक्रम में डिजिटल अरेस्ट, केस स्टडीज और वास्तविक परिस्थितियों का अभ्यास शामिल है। उद्देश्य है कि थाने या हेल्प डेस्क में पीड़ित का पहला सामना प्रशिक्षित आरक्षक से हो और अपराध की तह तक पहुंचा जा सके।
प्रदेश सरकार हर जिले में साइबर थाना और हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित कर रही है। हर थाने में कम से कम 70 पुलिसकर्मी और हेल्प डेस्क में शिफ्ट के अनुसार 2–3 पुलिसकर्मी तैनात होंगे। राज्य में प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख साइबर शिकायतें दर्ज होती हैं और मई 2021 से जुलाई 2025 के बीच 1054 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई। प्रशिक्षण से पुलिस को अपराधी नेटवर्क पकड़ने और ठगी की राशि रिकवर करने में मदद मिलेगी।
