हरिद्वार में पितृ विसर्जन अमावस्या पर उमड़ा आस्था का सैलाब

हरिद्वार, 21 सितंबर (वार्ता) पितृ विसर्जन अमावस्या के अवसर पर रविवार को हरकी पैड़ी सहित गंगा तटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही हजारों की संख्या में लोगों ने गंगा स्नान कर अपने पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की और तर्पण अर्पित किया। मान्यता है कि पितृ विसर्जन अमावस्या वर्ष की सबसे बड़ी अमावस्या होती है। इसी दिन श्राद्ध पक्ष की पूर्णाहुति होती है और पितरों को विदाई देकर पितृलोक के लिए प्रेषित किया जाता है।

हरिद्वार के सतीघाट, राजघाट, शीतला माता घाट, दक्षेश्वर महादेव मंदिर घाट, कुशा घाट, गणेश घाट और विशेष महत्व रखने वाली नारायणी शिला पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से अपने पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान कर मोक्ष की कामना की।

गंगा तट पर दिनभर मंत्रोच्चार, भजन और श्रद्धालुओं की आस्था का अद्भुत संगम दिखाई दिया। धार्मिक आस्था के इस पर्व को लेकर हरिद्वार में विशेष तैयारियां की गई थीं। पुलिस और प्रशासन की ओर से घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो।

धार्मिक मान्यता है कि नारायणी शिला पर पितृ कार्य करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी कारण पितृ विसर्जन अमावस्या पर यहां सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली।

 

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