
मंडला । हाई स्कूल डोंगरमंडला का मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार 9 सितंबर 2025 को जनपद पंचायत सदस्य मुकेश मार्को अचानक विद्यालय पहुँचे और कक्षा में बच्चों से शिक्षण कार्य करवाने लगे। इस दौरान उन्होंने कुछ विद्यार्थियों के साथ दंडात्मक कार्रवाई भी की।
विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य गुमास्ता ने स्पष्ट किया कि जनपद सदस्य द्वारा बच्चों से शिक्षण कार्य कराया गया था, किंतु विद्यार्थियों को कब और कैसे दंड दिया गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं मिली।
इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो स्वयं जनपद सदस्य मुकेश मार्को द्वारा साझा किया गया, जिसमें वे बच्चों से शिक्षण कार्य करवाते हुए और दंडात्मक गतिविधियाँ करते हुए दिखाई दे रहे हैं ।
मामले के प्रकाश में आने के बाद शिक्षा विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में शिक्षण कार्य कराने और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार केवल शिक्षकों का है, न कि जनप्रतिनिधियों का।
इनका कहना ।
“मामला आपके द्वारा संज्ञान में लाया गया है। उक्त वीडियो को देखते हुए यह कृत्य अशोभनीय है। इसे कलेक्टर महोदय के पास भेजकर प्रतिवेदन प्रस्तुत कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
श्रीमती वंदना गुप्ता
आदिवासी आयुक्त मंडला
