गौरक्षकों ने किया मृत गौवंशों का श्राद्ध 

मनोज पुरोहित शाजापुर।शाजापुर के लालपुरा क्षेत्र स्थित कांजी हाउस घायल गौवंशो के उपचार के लिए जाना जाता है। यहां अमूमन सड़क दुर्घटना, जंगली जानवर का शिकार या किसी असामाजिक तत्वों द्वारा घायल की हुई गायों का निःशुल्क उपचार गौरक्षकों द्वारा किया जाता है, लेकिन बुधवार को कांजी हाउस में वैदिक मंत्रोच्चार की ध्वनि सुनाई दी। क्योंकि यहां पर विगत एक साल में एक्सीडेंट, बीमारी सहित अन्य कारणों से मृत्यु को प्राप्त हुए गौवंशों का श्राद्ध व तर्पण किया जा रहा था। गौरक्षा टीम के धर्मेन्द्र शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी टीम द्वारा पिछले 17 वर्षों से घायल गौवंशों का उपचार निःशुल्क किया जा रहा है। इस दौरान कई गौवंशों की मृत्यु भी हो जाती है। श्राद्ध पक्ष में लोग अपने-अपने पितरों का तर्पण व उनकी आत्मशांति के लिए श्राद्ध करते हैं और हमारे सनातन धर्म में मृतात्माओं की आत्मशांति के लिए श्राद्ध व तर्पण आवश्यक माना गया है। इसी से प्रेरित होकर गौरक्षा टीम द्वारा श्राद्ध पक्ष की एकादशी पर मृत गौवंशों की आत्मशांति के लिए विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर श्राद्ध व तर्पण किया। ऐसा करने से मृत गौवंशों की आत्मा को शांति तो मिलती ही है। साथ ही गौरक्षकों में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

घायल गौवंश को देखकर जागा सेवा का भाव

गौरक्षा टीम के धर्मेन्द्र शर्मा ने बताया कि आज से 17 साल पहले जब उन्होंने कलेक्टर कार्यालय के सामने एक्सीडेंट में घायल गाय को देखा था। जिसका उपचार करने में उनकी पांच सदस्यीय टीम को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा था। करीब दो दिन की सेवा के बाद भी गाय बच नहीं पाई थी। तभी से धर्मेन्द्र शर्मा और उनकी टीम ने घायल गौवंशों के उपचार का संकल्प लिया था। विगत 17 सालों से शाजापुर में गौरक्षकों की टीम निःस्वार्थ रूप से घायल गौवंशो की सेवा कर रही है। टीम का कुनबा बढ़ते-बढ़ते आज 500 से अधिक युवा गौरक्षा टीम में जुड़े हैं। जो इस टीम में काम कर रहे हैं उनमें से अधिकांश स्कूल, कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थी हैं। जो कहीं न कहीं गौवंश की सेवा की भावना से यह काम कर रहे हैं। आज शाजापुर के अधिकांश गांवों में गौरक्षकों की टीम बनी हुई है। इसके अलावा घायल गौवंशों के दाना-पानी व चारे के लिए शहरवासी भी बढ़-चढ़कर सहयोग करते हैं। उन्होंने बताया कि कई लोग अपने बच्चों के जन्मदिन पर या अपने माता-पिता या भाई-बहन की याद मेें या तो दवाईयांे की या चारे की व्यवस्था कर देता है।

जिला प्रशासन सहित कई संस्थाओं ने किया सम्मानित

बिना किसी अनुदान और बगैर शासन की सहायता के गौरक्षा टीम विगत 17 वर्षों से सड़क दुर्घटना, जंगली जानवर या अन्य किसी हादसे में घायल गौवंशों की निःशुल्क उपचार सेवा कर रही है। इसे लेकर जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त व 26 जनवरी के अवसर पर कई बार गौरक्षा टीम को सम्मानित भी किया गया है। इसके साथ ही जिले की विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भी गौ माता की सेवा करने वाले गौरक्षकों को सम्मानित किया जा चुका है।

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