
सौसर। क्षेत्र में पत्रकारों के खिलाफ अभद्र और अशोभनीय शब्दों के प्रयोग का मामला अब राजनीतिक सरगर्मी का केंद्र बन गया है। इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए विधायक विजय चौरे ने जिले के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर दोषियों पर तत्काल एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
विधायक चौरे ने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माने जाने वाले पत्रकारों के साथ इस तरह का व्यवहार निंदनीय है। भाजपा नेताओं की इन टिप्पणियों से आहत होकर 15 सितंबर को सौसर क्षेत्र के पत्रकारों को थाना घेराव तक करना पड़ा। उन्होंने कहा कि जब सहनशीलता की सीमा समाप्त हो जाती है, तब पत्रकार मजबूरन ऐसे कदम उठाते हैं।
पत्र में चौरे ने स्पष्ट किया कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकार समाज में अन्याय, अत्याचार, अपराध और सामाजिक बुराइयों को उजागर करने का कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद अपमानजनक भाषा का प्रयोग कर उनकी गरिमा को ठेस पहुँचाई जा रही है। इससे न केवल पत्रकारों की व्यक्तिगत सुरक्षा पर खतरा बढ़ रहा है, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता और लोकतंत्र पर भी आघात पहुँच रहा है।
विधायक ने एसपी से दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए तो पत्रकारों का आक्रोश और बढ़ सकता है। बहरहाल, सौसर क्षेत्र में पत्रकारों की सुरक्षा का यह मुद्दा मीडिया से आगे निकलकर अब राजनीति का बड़ा विषय बन चुका है और सभी की नजरें पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
