दुधमुंहे बच्चे को गोद में लिए महिला से कराई सफाई

सतना : जिला चिकित्सालय में आए दिन सामने आने वाली घटनाएं न सिर्फ सोशल मीडिया की सुर्खियां बनी रहती हैं बल्कि जिम्मेदरों की संवेदनहीनता पर गंभीर प्रश्र भी खड़े करती हैं. उपचार के लिए अस्पताल पहंचे दुधमुंहे मासूम ने फर्श पर पेशाब क्या कर दी, कि इससे तमतमाई सफाईकर्मी ने साफ करने का फरमान सुना दिया. नतीजतन अपने दुधमुंहे बच्चे को गोद में लेकर महिला का सफाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा.

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के रेहुंटा निवासी जिग्यासा यादव अपने दुधमुंहे बच्चे को गोद में लेकर उपचार के लिए जिला चिकित्सालय पहुंची थीं. सोमवार होने के कारण अस्पताल में अपेक्षाकृत अधिक भीड़ थी. जिसके चलते चिकित्सकीय उपचार की सलाह लेने के लिए लोगों को अधिक इंतजार करना पड़ रहा था. बताया गया कि मां की गोद में ही बच्चे ने पेशाब कर दी. जिसके चलते वह फर्श पर भी गिर गई. इसी दौरान वहां पर झाड़ू लगाते हुए महिला सफाईकर्मी प्रीति बाल्मीक भी पहुंच गई. फर्श पर गंदगी देख सफाई कर्मी ने गोद में बच्चा लिए खड़ी महिला से तत्काल साफ करने के लिए कहा.

यह सुनकर पहले को महिला को कुछ समझ ही नहीं आया कि वह क्या और कैसे करे. महिला को असमंजस में खड़ा देख सफाई कर्मी के तेवर कुछ और तीखे हो गए और उसने तमतमाते हुए कहा कि जब गंदगी लोगों के पैरों से लगकर फैल जाएगी तब साफा करेंगी क्या. सफाईकर्मी द्वारा बनाए गए दबाव को देखते हुए महिला ने अपने बच्चे की पैंट से ही फर्श को साफ करना शुरु कर दिया.

गोद में दुधमुंहे बच्चे, दवा-जांच का पर्चा और टीककारण के कार्ड को किसी तरह एक हाथ से संभालते हुए महिला द्वारा दूसरे हाथ से फर्श की सफाई करता देख आस पास मौजूद लोग भी सकते में आ गए. इसी दौरान उक्त घटना का वीडियो किसी ने रिकार्ड कर लिया और उसे सोशल मीडिया पर वाइरल कर दिया. इस मामले में मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल के तिवारी ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है. मामले से जुड़ी पूरी जानकारी सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ल से ली गई है. जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
सप्ताह भर से टिटनेस इंजेक्शन खत्म
जिला अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों के समुचित उपचार की प्राथमिकता क्या है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वहां पर पिछले सप्ताह भर से टिटनेस के इंजेक्शन का स्टॉक समाप्त है. आकस्मिक कक्ष, ड्रेसिंग रुम और इंजेक्शन रुम द्वारा स्टोर प्रभारी को इस संबंध में कई बार लिखित सूचना दी जा चुकी है. लेकिन इसके बावजूद सप्ताह भर बाद भी अस्पताल में टिटनेस के इंजेक् शन जैसी आधारभूत सुविधा उपलब्ध नहीं हो सुकी है. इसी कड़ी में देखा जाए तो सीटी स्कैन मशीन सप्ताह भर बाद भी सुधर नहीं सकी है. इतना ही नहीं बल्कि अब तो लोगोंं का यह भी लगने लगा है कि आसीसीयू फस्र्ट का संचालन फिर से शायद ही शुरु हो पाए

Next Post

कांग्रेस ने बिहार के लिए चुनाव समिति का किया गठन

Tue Sep 16 , 2025
नयी दिल्ली, 16 सितम्बर (वार्ता) कांग्रेस ने बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर 39 सदस्यीय प्रदेश चुनाव समिति का गठन किया है। कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस समिति के सदस्यों के नाम को अनुमोदित किया है। […]

You May Like