नयी दिल्ली, (वार्ता) भारत से फरवरी में वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात 11.86 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ 41.40 अरब डालर रहा।
यह जानकारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी एक मासिक रिपोर्ट में दी गयी।
मंत्रालय ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में फरवरी का निर्यात सबसे ऊंचा है।
पिछले वर्ष फरवरी में वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात 37.01 अरब डालर हुआ था।
मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार फरवरी में वाणिज्य निर्यात की वृद्धि में मुख्य रूप से इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन, औषधि और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात का बड़ा योगदान रहा।
फरवरी 2024 में वाणिज्यक वस्तुओं का आयात 60.11 अरब डालर रहा जो एक साल पहले 53.58 अरब डालर की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत अधिक है।
इस तरह फरवरी माह में व्यापार घाटा 18.71 अरब डालर के बराबर रहा।
एक साल पहले इसी माह में व्यापार घाटा 16.57 अरब डालर था।
फरवरी में सेवाओं का निर्यात 32.15 अरब डॉलर और आयात 15.39 अरब डालर के बराबर रहा।
इस तरह सम्पूर्ण व्यापार घाटा (वस्तु और सेवा व्यापार सहित) 1.95 अरब डालर के बराबर रहा।
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार कुल व्यापार घाटा (वस्तु एवं सेवाओं सहित) अप्रैल-फरवरी 2022-23 के 116.13 अरब डॉलर से 37.80 प्रतिशत घटकर अप्रैल-फरवरी 2023-24 में 72.24 अरब डॉलर रहा।
चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-फरवरी 2023-24 के दौरान वाणिज्यक वस्तुओं के व्यापार में घाटा (निर्यात के मुकाबले आयात में अधिकता) अप्रैल-फरवरी 2022-23 के 245.94 अरब डॉलर की तुलना में 8.43 प्रतिशत घट कर 225.20 अरब डॉलर रही।
इस बार फरवरी में इंजीनियरिंग सामानों का निर्यात 15.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 9.94 अरब डॉलर रहा, इलेक्ट्रॉनिक सामानों का निर्यात में 54.81 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज के साथ 3.00 अरब डॉलर, कार्बनिक और अकार्बनिक रसायनों का निर्यात 33.04 प्रतिशत की वृद्धि के 2.95 अरब डॉलर, दवाओं और फार्मास्युटिकल उत्पादों का निर्यात 22.24 प्रतिशत वृद्धि के साथ 2.51 अरब डॉलर रहा तथा पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 5.08 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 8.24 अरब डॉलर के बराबर रहा।