जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने फिल्म जाली एलएलबी-थ्री के गाने भाई वकील है, को चुनौती के मामले में अभिनेता अक्षय कुमार व अरशद वारसी के अलावा निर्माता आलोक जैन,अजित अंधारे व निर्देशक सुभाष कपूर सहित अन्य नोटिस जारी कर जवाब. तलब किया है। इसके लिए 17 सितंबर तक का समय दिया है। फिल्म की रिलीज डेट 19 सितंबर है। मामले में राज्य शासन, प्रमुख सचिव गृह विभाग, सचिव सूचना एवं प्रसारण भारत सरकार नई दिल्ली और चेयरमैन सेंट्रल बोर्ड आफ फिल्म सर्टिफिकेशन को भी पक्षकार बनाया गया है।
यह जनहित याचिका साउथ सिविल लाइन गोविंद भवन जबलपुर निवासी अधिवक्ता प्रांजल तिवारी की ओर से दायर किया गया है। जिनकी ओर से अधिवक्ता प्रमोद सिंह तोमर व आरजू अली पैरवी कर रहे है। जिन्होंने बताया कि उक्त फिल्म में आपत्ति का मुख्य बिंदु गाने के बोल हैं, जिनके जरिए वकालत जैसे नोबल प्रोफेशन को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास किया गया है।
रगो में तगड़मबाजी है, हर ताले की चाबी है, लगा के सेटिंग ऐसी रखी, बॉॅस भी हमसे राजी है, गाड़ी ठोंक के गोली मार, पकड़ी ड्रग चली तलवार, हर केस की पैकेज डील है, फिक्र ना कर तेरा भाई वकील है, कबीरा इस संसार में, सबसे सुखी वकील, जीत गए तो मोटी फीस, हार गए तो अपील, यह शब्दावली सर्वथा अनुचित है। याचिकाकर्ता ने भाई वकील है, गाने में अभिनेता अक्षय कुमार व अरशद वारसी द्वारा वकालत का नेकबैंड पहनकर नाचने को भी मानहानिकारक निरूपित किया है।
उनका तर्क है कि हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में प्रकरण की पैरवी के दौरान वकील बैंड लगाते हैं और गाउन पहनते हैं। इससे स्पष्ट है कि वकालत के गणवेश की अपनी महत्ता है, जिसे इस तरह मनोरंजन के नाम पर अपमानित नहीं किया जाना चाहिए। फिल्म में न्यायपालिका व वकालत के पेशे को अपनमानजनक तरीके से चित्रित किया गया है। इससे समूचे विधिजगत व न्यायतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंची है।
