नयी दिल्ली, 11 सितंबर (वार्ता) इंडियन रीन्युएबल एनर्जी डेवलपमेन्ट एजेंसी (इरेडा) ने अपने बेमियादी बांड के दूसरे इश्यू के जरिये 7.70 प्रतिशत सालाना की दर पर 453 करोड़ रुपये की राशि जुटायी है।
इस राशि का इस्तेमाल हरित ऊर्जा परियोजनाओं के वित्त पोषण के लिए किया जायेगा। निवेशकों ने 400 करोड़ रुपये के ग्रीन शू ऑप्शन और 100 करोड़ रुपये के बेस साइज पर कुल 1,343 करोड़ रुपये की बोली लगायी। इस प्रकार निर्गम 2.69 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ। इरेडा के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक प्रदीप कुमार दास ने कहा, “ये बॉन्ड्स हमारी टियर-1 पूंजी को सशक्त बनायेंगे और नवीकरणीय ऊर्जा वित्त पोषण का पैमाना बढ़ाकर देश को हरित एवं अधिक स्थायी भविष्य की ओर बढ़ने में मदद करेंगे। मैं सभी निवेशकों के प्रति आभारी हूं, जिनसे इतनी शानदार प्रतिक्रिया मिली है। इन निवेशकों ने एक बार फिर से इरेडा में भरोसे की पुष्टि की है, जो हमें देश एवं नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली में और भी बेहतर प्रयास जारी रखने के लिए प्रेरित करता है।”
बेमियादी बांड में भुनाने की कोई समय सीमा नहीं होती है। इन्हें केवल कंपनी के विकल्प पर ही वापस निकाला जा सकता है। इरेडा के बांड में 10 साल बाद भी वापस न लिये जाने की स्थिति में एक बार 0.50 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 7.70 फीसदी सालाना कूपन का प्रावधान है।

