जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने कार्यभारित स्थापना के तहत पदस्थ कर्मचारियों को दिया गया समयमान वेतनमान का लाभ वापस लेने का सरकार का आदेश निरस्त कर दिया है। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने सरकार को निर्देशित किया है कि 60 दिन के भीतर सभी याचिकाकर्ता कर्मियों को वेतन, पेंशन सहित सभी भुगतान करें। जबलपुर निवासी रामनाथ काछी की ओर से यह मामला दायर किया गया है।
जिसमें कहा गया है कि उन्हें पूर्व में दिया गया समयमान वेतनमान का लाभ वापस ले लिया गया। इतना ही नहीं कर्मचारी के विरुद्ध रिकवरी भी निकाल दी गई। दरअसल, यह कहा गया कि सरकार 21 सितंबर 2026 के आदेश के तहत कार्यभारित स्थापना कर्मचारी यह लाभ पाने के हकदार नहीं है। आवेदक की ओर से दलील दी कि हाईकोर्ट की इंदौर बेंच और अन्य बेंच ने भी इस तरह के मामले में सरकार का आदेश निरस्त किया है। एकलपीठ ने कहा कि सरकार का कोई भी परिपत्र हाईकोर्ट के फैसले के ऊपर नहीं हो सकता। इस मत के साथ न्यायालय ने वेतनमान वापस लेने और रिकवरी का आदेश निरस्त करते हुए सभी भुगतान करने क निर्देश दिये है।
