नयी दिल्ली, 04 सितंबर (वार्ता) केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जबलपुर स्थित विशेष अदालत ने एलआईसी के पूर्व सहायक अभियंता योगेश अरोड़ा को रिश्वतखोरी के एक मामले में चार साल के कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनायी है।
योगेश पर एक ठेकेदार से 20,000 रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। यह रिश्वत एलआईसी कार्यालयों में बिजली के रखरखाव से संबंधित 93,000 रुपये के बिल को मंजूरी देने और अन्य छोटे रखरखाव और आपूर्ति कार्यों के लिए 35,000 से 40,000 रुपये के लंबित बिलों को मंजूरी देने के बदले में मांगी गयी थी।सीबीआई ने 2011 में यह मामला दर्ज किया था।
सीबीआई अधिकारियों ने कथित तौर पर जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों पकड़ लिया। जांच पूरी करने के बाद, एजेंसी ने 2012 में आरोप पत्र दायर किया।
अदालत ने पूरे मामले में योगेश को दोषी करार देते हुये यह सजा सुनायी।
