सुप्रीम कोर्ट ने ओएनजीसी के खिलाफ मध्यस्थता निर्णय को बरकरार रखा

नयी दिल्ली, 03 सितंबर (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने एक ड्रिलिंग अनुबंध के मामले में भुगतान को लेकर तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की अपील खारिज करते हुए प्रतिवादी के पक्ष में आए गौहाटी उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा है।

न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जे मनोज की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने 12 प्रतिशत की दर से लंबित ब्याज देने को कहा है और यह कहना उसके अधिकार क्षेत्र में आता है। पीठ ने आगे कहा कि यह दर इसलिए भी उचित है क्योंकि यह 18 प्रतिशत की वैधानिक दर से भी कम है।

यह मामला एक ड्रिलिंग अनुबंध के तहत प्रतिवादी को भुगतान नहीं होने के कारण अदालत पहुंचा था।

मध्यस्थ न्यायाधिकरण ने वर्ष 2004 में, ओएनजीसी को प्रतिवादी को 6,56,272.34 अमेरिकी डॉलर, 5 लाख रुपये की लागत और 12 दिसंबर, 1998 (दावे के बयान की पुष्टि की तिथि) से वसूली तक 12 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज देने का आदेश दिया था।

ओएनजीसी ने मध्यस्थ न्यायाधिकरण के फैसले के खिलाफ शिवसागर जिला न्यायाधीश के समक्ष अपील दायर की थी और उसने यहां ओएनजीसी के पक्ष में फैसला दिया था। इसके बाद मामला गाैहाटी उच्च न्यायालय में गया जहां प्रतिवादी के पक्ष में 2019 में निर्णय आया । इसके खिलाफ ओएनजीसी ने शीर्ष न्यायालय में अपील दायर की थी।

शीर्ष न्यायालय ने सुनवाई को केवल एक मुद्दे तक सीमित रखा, कि क्या मध्यस्थ न्यायाधिकरण का अनुबंध के खंड 18.1 के बावजूद 12 प्रतिशत की दर से ब्याज देने संबंधी आदेश उचित था। इस पर पीठ ने फैसला सुनाया कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 31(7) के तहत, न्यायाधिकरण को ब्याज तय करने का अधिकार है, जब तक कि अनुबंध में स्पष्ट रूप से इनकार नहीं किया गया हो।

न्यायालय ने जीसी रॉय (1992), बुधराज (2001), अंबिका कंस्ट्रक्शन (2016), रिलायंस सेलुलोज (2018), और फेरो कंक्रीट (2025) जैसे मामलों का हवाला देते हुए मध्यस्थता निर्णय को वैध माना। शीर्ष न्यायालय ने 12 प्रतिशत की दर को उचित और वैध पाते हुए, ओएनजीसी की अपील को खारिज कर दिया और गौहाटी उच्च न्यायालय के निर्णय की पुष्टि की।

 

 

 

 

Next Post

मानवाधिकार आयोग ने नशेड़ी के हमले पर ओडिशा सरकार से मांगी रिपोर्ट

Wed Sep 3 , 2025
नयी दिल्ली, 03 सितम्बर (वार्ता) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने ओडिशा के नबरंगपुर में पत्रकार पर एक नशेड़ी के कथित हमले का स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को जवाब तलब किया है। ओडिशा के नबरंगपुर जिले के पापड़हांडी इलाके में पत्रकार पर नशेड़ी ने चाकू से कई वार करने की […]

You May Like