
कटनी। रीठी जनपद क्षेत्र के ग्राम घनिया, घुघरा, जमुनिया, पौड़ी और बड़गांव की गौशालाओं में शासन द्वारा स्वीकृत लाखों रुपये खर्च दर्शाए गए, लेकिन चरागाह विकसित नहीं पाए गए। आरटीआई और स्थलीय निरीक्षण से खुलासा हुआ कि भूमि समतलीकरण, बीज बुआई व संरचना कार्य सिर्फ कागजों तक सीमित रहे।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि संबंधित अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों की मिलीभगत से फर्जी बिल बनाकर राशि का दुरुपयोग किया गया। यदि धनराशि का पारदर्शी उपयोग होता तो गौवंश को सूखे के बीच हरा चारा और राहत मिल सकती थी। लेकिन अनियमितताओं के कारण न तो हरियाली आई और न ही पशुओं को अपेक्षित सुविधा मिल सकी। हालांकि इस मामले की जनसुनवाई में भी शिकायत की गई थी, लेकिन कार्रवाई का इंतजार हो रहा है। इस बीच शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो।
