
कटनी। जिले की रीठी तहसील लंबे समय से अपराध व अवैध कारोबार की गतिविधियों का केंद्र बनी हुई है। यहाँ अवैध शराब, गांजा और सट्टे का कारोबार बंद नहीं होता। क्षेत्र के लोग मानते हैं कि पुलिसकर्मी चाहे नए हों या ईमानदार छवि के लेकिन उनकी राह आसान नहीं रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस विभाग में आने वाला हर नया कर्मचारी तो आमतौर पर ईमानदारी से काम करना चाहता है, लेकिन दबाव और दखल से वह भलीभांति काम नहीं कर पाता है।
रीठी क्षेत्र में हालात इस कदर बिगड़े हैं कि आमजन का पुलिस पर से विश्वास लगभग खत्म हो गया है। हाल ही में बाजार क्षेत्र में चोरी का प्रयास हुआ, जिसमें पुलिस समय पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकी। इसके बाद लालतालैया इलाके में सुबह करीब सात बजे सब्जी विक्रेताओं को रोककर लूटपाट का प्रयास किया गया। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने लोगों को असुरक्षित महसूस कराने पर मजबूर कर दिया है।
यह भी उल्लेखनीय है कि अवैध शराब और नशे के कारोबार ने युवा पीढ़ी को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। आम जनता की पीड़ा यह है कि एक ओर अपराध बढ़ रहे हैं और दूसरी ओर शिकायत करने पर भी उन्हें ही दोषी साबित करने का भय दिखाया जाता है।
आज रीठी तहसील का आम नागरिक यह सवाल पूछ रहा है कि आखिर पुलिस किसके लिए है,जनता की सुरक्षा के लिए या फिर अन्य के लिए? अब यह देखना होगा कि रीठी क्षेत्र की जनता को वाकई अपराध और अवैध धंधों से मुक्ति दिलाने का प्रयास होता है, या नहीं।
