
उज्जैन. मप्र पंचायती अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरी ने आश्रमों पर कब्जे को लेकर संगीन आरोप लगाया है. उन्होंने परमानंद गिरी महाराज के नाती और चेले ज्योतिर्मयानंद उर्फ मंगल पांडे पर सीधा यह आरोप लगाया है. इसके साथ ही कहा है कि उनकी हत्या, संपत्ति कब्जाने और आश्रमों में परिवार राज मंगल पांडे चलाना चाहते हैं.
वैराग्यानंद ने आरोप लगाते हुए कहा कि ज्योतिर्मयानंद डाकू प्रवृत्ति का आदमी है, संतों की हत्या के पीछे इसका हाथ है. वह परमानंद गिरी और अखंडानंद का नाम ढाल बनाकर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं. वैराग्यानंद का आरोप है कि ज्योतिर्मयानंद आश्रमों से व्यवस्थापकों को हटाकर अपने चाचा, भतीजे, मामा, फूफा को गद्दी पर बैठा दिया है. चारधाम मंदिर भी इसी षड्यंत्र में हड़प लिया गया. इस मामले में उन्होंने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज और जूना अखाड़े के सचिव हरि गिरी महाराज से कार्रवाई की अपील की है.
