
नई दिल्ली, 28 अगस्त। भारत सरकार ने कपड़ा उद्योग को बड़ी राहत देते हुए बिना शुल्क के कपास आयात की समय सीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी टैरिफ झटके से कपड़ा निर्यातकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस कदम से घरेलू कपड़ा उद्योग को कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उत्पादन लागत को कम करने में मदद मिलेगी।
शुल्क छूट का उद्देश्य
सरकार का यह निर्णय कपड़ा उद्योग को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। बिना शुल्क के कपास आयात करने से मिलों को उच्च गुणवत्ता वाली कपास सस्ती कीमत पर मिल सकेगी। इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि भारत के कपास आधारित उत्पादों की मांग को भी पूरा किया जा सकेगा। यह घरेलू कपड़ा उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो लाखों लोगों को रोजगार देता है।
अमेरिकी टैरिफ का असर
हाल ही में अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले कपड़ा उत्पादों पर भारी शुल्क लगाया है, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा झटका लगा है। सरकार की यह छूट एक तरह से इस झटके का मुकाबला करने और घरेलू उद्योगों को मजबूत करने की कोशिश है। यह कदम उद्योग को कच्चे माल की कमी और बढ़ती कीमतों से भी बचाएगा, जिससे उत्पादन की निरंतरता बनी रहेगी।
