
भोपाल: मध्यप्रदेश कांग्रेस ने बुधवार को संयुक्त पत्रकारवार्ता कर प्रदेश की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। पत्रकारवार्ता को कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष डॉ. मुकेश नायक, प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी, एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार और जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने संबोधित किया।
डॉ. नायक ने कहा कि नर्सिंग शिक्षा में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हो रहा है और शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में फैकल्टी की भारी कमी है। हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है, लेकिन भाजपा सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों से जुड़ा गंभीर मुद्दा है और सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था माफियाओं के हवाले है। निजी कॉलेजों में छात्रों से मनमानी फीस वसूली जा रही है जबकि शासकीय कॉलेज उपेक्षित हैं। नर्सिंग कॉलेज घोटाले की दो-दो सीबीआई जांच के बावजूद गड़बड़ियां जस की तस बनी हुई हैं।
एनएसयूआई उपाध्यक्ष रवि परमार ने खुलासा किया कि प्रदेश के 13 शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में फैकल्टी तक नहीं है। कई कॉलेजों में तो सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे पढ़ाई चल रही है। उन्होंने कहा कि 2025-26 सत्र में इन कॉलेजों को मान्यता तक नहीं मिल पाएगी।
अक्षय तोमर ने कहा कि भाजपा सरकार निजीकरण को बढ़ावा देकर शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को चौपट कर रही है। कांग्रेस ने मांग की कि संदिग्ध नियुक्तियों की स्वतंत्र जांच हो, जुलानिया समिति की रिपोर्ट की फॉरेंसिक जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही छात्रों को शैक्षणिक नुकसान से बचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार की यह नीति छात्रों और आम जनता के स्वास्थ्य के साथ सीधा अन्याय है।
