
शिमला, 27 अगस्त। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर तबाही मचा दी है। जगह-जगह भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात इतने खराब हैं कि कई लोग बेघर हो गए हैं और उन्हें जान बचाने के लिए सुरंगों में शरण लेनी पड़ रही है।
मंडी में मंडरा रहा खतरा
राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन की वजह से सड़कें और पुल बह गए हैं, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। मंडी जिले में, जहां पिछले साल भी भारी नुकसान हुआ था, इस बार फिर खतरा बढ़ गया है। यहां नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने लोगों को नदी किनारे से दूर रहने की चेतावनी दी है और कई जगहों पर बचाव कार्य जारी है।
सुरंगों में शरण लेने को मजबूर लोग
भूस्खलन से कई गांव पूरी तरह से कट गए हैं और वहां के लोग बेघर हो गए हैं। अपनी जान बचाने के लिए, लोग राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी सुरंगों में रहने को मजबूर हैं। इन सुरंगों में बच्चों और बुजुर्गों सहित सैकड़ों लोगों ने शरण ली है। प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाएं इन लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन खराब मौसम की वजह से इसमें दिक्कतें आ रही हैं।
सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों में और अधिक बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे स्थिति और भी खराब हो सकती है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे बेहद सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। बचाव दल और एसडीआरएफ की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रही हैं। यह आपदा एक बार फिर हिमाचल की कमजोर भौगोलिक स्थिति और जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों को उजागर करती है।
