
नयी दिल्ली, 26 अगस्त (वार्ता) केंद्रीय अप्रत्यश कर एवं सीमाशुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने लोगों से माल और सेवा कर (जीएसटी) की प्रत्याशित नयी दरों के बारे में जीएसटी परिषद की घोषणाओं से पहले अटकालबाजियां करने से बचने का अनुरोध किया है।
सीबीआईसी ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा , “समय से पहले अटकलें लगाने से निराधार अफवाहें फैलती हैं और बाज़ार में अस्थिरता पैदा हो सकती है।”
बयान में कहा कि जीएसटी की दरों के बारे में निर्णय जीएसटी परिषद द्वारा सामूहिक रूप से लिए जाते हैं, जिसमें केंद्र और राज्य शामिल होते हैं। जीएसटी की बैठक अगले माह के प्रारंभ में होने वाली है। सीबीआईसी ने कहा है, “सभी हितधारकों को सलाह दी जाती है कि वे तीन और चार सितंबर को होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक के बाद की जाने वाली आधिकारिक घोषणाओं की प्रतीक्षा करें।”
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बार स्वाधीनता दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन में दीवाली तक जनता को जीएसटी में सुधार का तोहफा देने की घोषणा की है। तब से जीएसटी की दरों को लेकर अटकलबाजियां बढ़ गयी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि जीएसटी में अब चार की जगह दो दरें – पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत रखी जाएंगी, 12 प्रतिशत की दर को समाप्त कर दिया जाएगा तथा 28 प्रतिशत की उच्चतम दर की जगह 40 प्रतिशत की एक दर रखी जाएगी जो शराब जैसी अहितकर वस्तुओं पर लागू होगी।
