
रायसेन। संचालक लोक शिक्षण मध्यप्रदेश ने डीईओ को निर्देश जारी कर माटी के गणेश, सिद्ध गणेश नाम से अभियान शुरू करने की बात कही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा करना है। अभियान के तहत सभी स्कूलों में बच्चों को यह समझाया जाएगा कि प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी गणेश प्रतिमाएं पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाती हैं, जबकि उनमें प्रयुक्त सिंथेटिक रंग स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होते हैं।
बच्चों को प्रेरित किया जाएगा कि वे अपने पालकों से आग्रह करें कि घर पर केवल मिट्टी से बनी प्रतिमाएं ही लाएं। इससे परंपरा भी जीवित रहेगी और जलस्रोत भी प्रदूषण से सुरक्षित रहेंगे।
अभियान की शुरुआत जिले के कई स्कूलों में हो चुकी है। शिक्षक बच्चों को बता रहे हैं कि पीओपी की प्रतिमाएं जल में विसर्जन के बाद आसानी से विघटित नहीं होतीं और लंबे समय तक पानी को प्रदूषित करती रहती हैं। इनमें मौजूद सीसा, लेड और आर्सेनिक जैसे रसायन जलीय जीवों के लिए घातक होते हैं तथा मनुष्यों में सांस व त्वचा संबंधी रोगों का कारण बन सकते हैं। इसके विपरीत, मिट्टी की प्रतिमाएं प्राकृतिक रूप से घुल-मिल जाती हैं और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचातीं।
