नयी दिल्ली 24 अगस्त (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को गुजरात के दो दिन के दौरे पर रहेंगे जहां वह 5400 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे।
श्री मोदी एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। वह सोमवार शाम अहमदाबाद के खोडलधाम मैदान में एक समारोह में इन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री मंगलवार सुबह अहमदाबाद के हंसलपुर में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड के स्थानीय उत्पादन का उद्घाटन करेंगे और 100 देशों को बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्यात को हरी झंडी दिखाएंगे। इस अवसर पर वह उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे।
विश्व स्तरीय बुनियादी ढाँचे और कनेक्टिविटी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की कई रेलवे परियोजनाएँ राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसमें 530 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 65 किलोमीटर लंबी महेसाणा-पालनपुर रेल लाइन का दोहरीकरण, 860 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 37 किलोमीटर लंबी कलोल-कडी-कटोसन रोड रेल लाइन और 40 किलोमीटर लंबी बेचराजी-रानुज रेल लाइन का आमान परिवर्तन शामिल है। ब्रॉड-गेज क्षमता में वृद्धि के साथ, ये परियोजनाएँ क्षेत्र में सुगम, सुरक्षित और अधिक निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करेंगी। इससे दैनिक यात्रियों, पर्यटकों और व्यवसायों के लिए यात्रा में उल्लेखनीय सुविधा होगी। साथ ही क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, कटोसन रोड और साबरमती के बीच यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाने से धार्मिक स्थलों तक बेहतर पहुँच होगी और जमीनी स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। बेचराजी से मालगाड़ी सेवा राज्य के औद्योगिक केंद्रों से संपर्क बढ़ाएगी, रसद नेटवर्क को मजबूत करेगी और रोजगार के अवसर पैदा करेगी।
संपर्क में सुधार, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास में तेजी लाने के अपने दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री वीरमगाम-खुदाद-रामपुरा सड़क के चौड़ीकरण का उद्घाटन करेंगे। वह अहमदाबाद-मेहसाणा-पालनपुर मार्ग पर छह लेन वाले वाहन अंडरपास, अहमदाबाद-वीरमगाम मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज आदि के निर्माण की आधारशिला भी रखेंगे। सामूहिक रूप से यह पहल औद्योगिक विकास को बढ़ावा देंगी, परिवहन दक्षता में सुधार करेंगी और क्षेत्र में आर्थिक अवसर पैदा करेंगी।
राज्य में बिजली क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए, प्रधानमंत्री उत्तर गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (यूजीवीसीएल) के तहत अहमदाबाद, मेहसाणा और गांधीनगर में बिजली वितरण परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिनका उद्देश्य पुनर्विकसित वितरण क्षेत्र योजना के तहत घाटे को कम करना, नेटवर्क का आधुनिकीकरण करना और बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना है। 1000 करोड़ रुपये से अधिक की ये परियोजनाएँ प्रतिकूल मौसम के दौरान बिजली की रुकावटों और कटौती को कम करेंगी, जन सुरक्षा, ट्रांसफार्मर सुरक्षा और बिजली आपूर्ति नेटवर्क की विश्वसनीयता में सुधार करेंगी।
प्रधानमंत्री पीएम आवास योजना (शहरी) के इन-सीटू स्लम पुनर्वास घटक के तहत रामापीर नो टेकरो के सेक्टर-3 में स्थित स्लम विकास परियोजना का उद्घाटन करेंगे। वह अहमदाबाद के आसपास सरदार पटेल रिंग रोड पर यातायात प्रवाह को सुगम बनाने और कनेक्टिविटी में सुधार के लिए कार्यान्वित की जा रही प्रमुख सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। वह जल एवं सीवरेज प्रबंधन प्रणालियों को सुदृढ़ करने हेतु प्रमुख शहरी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।
प्रशासनिक दक्षता और सार्वजनिक सेवा वितरण को सुदृढ़ करते हुए प्रधानमंत्री गुजरात में प्रमुख बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसमें अहमदाबाद पश्चिम में एक नए स्टाम्प एवं पंजीकरण भवन का निर्माण शामिल है, जिसका उद्देश्य नागरिक-केंद्रित सेवाओं में सुधार लाना है, और गांधीनगर में एक राज्य-स्तरीय डेटा संग्रहण केंद्र की स्थापना, जिसे पूरे गुजरात में सुरक्षित डेटा प्रबंधन और डिजिटल शासन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
मंगलवार को ही प्रधानमंत्री अहमदाबाद के हंसलपुर स्थित सुजुकी मोटर प्लांट में दो ऐतिहासिक मील के पत्थरों का उद्घाटन करेंगे। ये ऐतिहासिक पहल मिलकर भारत के हरित गतिशीलता के एक वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने को रेखांकित करती हैं और साथ ही मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को भी आगे बढ़ाती हैं।
मेक इन इंडिया की सफलता के एक प्रमुख उदाहरण के रूप में, प्रधानमंत्री सुजुकी के पहले वैश्विक रणनीतिक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी) ‘ई विटारा’ का उद्घाटन और हरी झंडी दिखाएंगे। भारत में निर्मित इन बीईवी का निर्यात यूरोप और जापान जैसे उन्नत बाजारों सहित सौ से अधिक देशों में किया जाएगा। इस उपलब्धि के साथ, भारत अब सुजुकी के इलेक्ट्रिक वाहनों के वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़े कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री गुजरात स्थित टीडीएस लिथियम-आयन बैटरी संयंत्र में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड के स्थानीय उत्पादन की शुरुआत के साथ भारत के बैटरी पारिस्थितिकी तंत्र के अगले चरण का भी उद्घाटन करेंगे। तोशिबा, डेंसो और सुजुकी का संयुक्त उद्यम यह संयंत्र घरेलू विनिर्माण और स्वच्छ ऊर्जा नवाचार को बढ़ावा देगा। यह विकास सुनिश्चित करता है कि अब अस्सी प्रतिशत से अधिक बैटरी का निर्माण भारत में ही किया जाएगा।
