खरीदी केन्द्रों के बाहर खुले में रखी हजारों क्विंटल धान भीगी

कई केन्द्रों में तिरपाल ढ़क कर बचाई गई धान, मौसम विभाग की चेतावनी के बाद भी नही चेता प्रशासन, त्योंथर क्षेत्र में ज्यादा नुकसान
नवभारत न्यूज
रीवा, 28 दिसम्बर, बेमौसम हुई झमाझम बारिश से गलन भरी ठण्ड जहां बढ़ गई. वहीं खरीदी केन्द्रों में खुले आसमान के नीचे रखी हजारों क्विंटल धान भीग गई. कुछ जगह तिरपाल की व्यवस्था कर ली गई थी, जिसके चलते धान बच गई, लेकिन कई जगह धान तौल के बाद उठाव न होने के कारण खुले में रखी हुई थी जो बारिश के चलते भीग गई. त्योंथर क्षेत्र में ज्यादा बारिश होने से धान का ज्यादा नुकसान हुआ है.
उल्लेखनीय है कि एक माह से जिले में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है. जिले में अब तक 36 हजार 717 किसानों से 23 लाख 13 हजार 923 क्विटल धान की खरीद की गई है. उपार्जित धान में से 18 लाख 67 हजार 533 क्विटल धान का परिवहन करके सुरक्षित भण्डारण किया गया है. यह कुल खरीदी का 87.73 प्रतिशत है. मंगलवार को सुबह से कोहरा और बादल छाये रहे. दोपहर 12 बजे हवा के साथ झमाझम बारिश शुरू हुई. खुले आसमान के नीचे रखी धान भीग गई. कई खरीदी केन्द्र ऐसे थे जहां पर शेड़ की व्यवस्था नही थी और तिरपाल या पन्नी से धान को नही ढ़का गया. पानी की चपेट में हजारों क्विंटल धान आ गई. खरीदी केन्द्रों में पहुंचे कई किसानों की भी धान पानी से भीगी. त्योंथर, सिरमौर, जवा, रीवा क्षेत्र के खरीदी केन्द्रों की धान ज्यादा प्रभावित हुई है. मौसम विभाग ने 28-29 दिसम्बर को बारिश होने की चेतावनी दी थी. बावजूद इसके नागरिक आपर्ति निगम एवं खाद्य विभाग नही चेता और खुले में रखी धान भीग गई. कुछ जगह व्यवस्था कर ली गई थी, जिसके कारण धान बच गई. कई खरीदी केन्द्रों में धान ज्यादा प्रभावित हुई है यहां तक की ट्रकों में धान लोड हो रही थी, उसे तो बचा लिया गया. लेकिन जो बाहर थी वहां पानी भर गया. जिस क्षेत्र में ज्यादा बारिश हुई है वहां पर ज्यादा धान बारिश से प्रभावित हुई है. कई खरीदी केन्द्रों में लापरवाही बरती गई. जिसके कारण धान को सुरक्षित नही रखा गया और पानी की चपेट में आ गई.
पानी से धान नही हुई प्रभावित
नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक संजय सिंह ने बताया कि अचानक हुई बारिश से कुछ केन्द्रों की धान प्रभावित हुई है. लेकिन पूर्व में ही पानी से बचाने के लिये तिरपाल एवं पन्नी की व्यवस्था की गई थी, जिसके कारण धान नही भीगी. बारिश होने के पहले ही धान को खरीदी केन्द्रों में ढ़क दिया गया था.
जिले में अब तक 23 लाख 13 हजार क्विटल धान की खरीद
किसानों को उनकी उपज का अधिकतम मूल्य देने के लिए शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर उपार्जन किया जा रहा है. रीवा जिले में 29 नवम्बर से 15 जनवरी 2022 तक 124 का खरीदी केन्द्रों में धान का उपार्जन किया जा रहा है. इसके लिए एफएक्यू धान 1940 रुपए तथा ग्रेड ए धान 1960 रुपए प्रति क्विटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है. जिले में अब तक 36 हजार 717 किसानों से 23 लाख 13 हजार 923 क्विटल धान की खरीद की गई है. इस संबंध में जिला आपूर्ति नियंत्रक सीआर कौशल ने बताया कि उपार्जित धान में से 18 लाख 67 हजार 533 क्विटल धान का परिवहन करके सुरक्षित भण्डारण किया गया है. यह कुल खरीदी का 87.73 प्रतिशत है. अब तक खरीदी केन्द्रों में नान एफएक्यू पाई गई 44 हजार 26 क्विटल धान रिजेक्ट की गई है. अब तक किसानों को 190 करोड़ तीन लाख रुपए की राशि बैंक खाते में जारी की जा चुकी है.

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