- वार्ड भरे, बाल रोग और मेडिसिन वार्ड पर दबाव
प्रियंका सिंह, छतरपुर।
छतरपुर जिले में बारिश के मौसम के साथ ही मौसमी बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। उल्टी-दस्त, टाइफाइड, डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर से लोग बड़ी संख्या में बीमार हो रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। वार्ड भी मरीजों से भरे हुए हैं।
40 फीसदी तक बढ़ी मरीजों की संख्या
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि पिछले एक हफ्ते में मरीजों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले 30 से 40 प्रतिशत ज्यादा हो गई है। खासतौर पर बच्चों और बड़ों में उल्टी-दस्त और तेज बुखार के मामले अधिक देखने को मिल रहे हैं। कई मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है, जबकि अधिकतर का इलाज ओपीडी से किया जा रहा है।
दूषित पानी और गंदगी से फैल रही बीमारियां
डॉक्टरों का कहना है कि बरसात के समय दूषित पानी और खुले में रखे भोजन से बीमारियां तेजी से फैलती हैं। इस समय टाइफाइड, डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर जैसे रोग सबसे ज्यादा लोगों को परेशान कर रहे हैं।
सावधानी ही बचाव का उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग सिर्फ साफ और उबला हुआ पानी ही पिएं, बासी या खुले में रखा भोजन न खाएं। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी और रिपेलेंट का प्रयोग करें। अगर किसी को लगातार बुखार, उल्टी-दस्त या कमजोरी महसूस हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।
अस्पताल प्रशासन की अपील
अस्पताल प्रशासन ने जनता से कहा है कि बीमारी के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें। समय पर इलाज से मरीज की हालत बिगड़ने से बचाई जा सकती है। अस्पताल ने मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त डॉक्टर और नर्सों की ड्यूटी लगाई है।
