
*मप्र में भी 50 लाख फर्जी वोटर चिन्हित किये गये थे*
ग्वालियर। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि चुनाव आयोग को फर्जी वोटर का मामला गंभीरता से संज्ञानमें लेना चाहिये, और यह एक गंभीर मामला है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूरे प्रमार्णों के साथ मामला उठाया है, जिस पर आज देश के लोग भी चुनाव आयोग की भूमिका पर सहीं निर्णयचाहते है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में भी 50 लाख फर्जी वोटर चिन्हित कियेगये थे। विधिवत तौर पर इससे चुनाव आयोग की निष्पक्ष भूमिका पर संदेह उठता है।
आज ग्वालियर में पत्रकारों से चर्चा में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी कांग्रेस पार्टी की मांग है कि चुनाव आयोग को स्वस्थ लोकतंत्रके लिये निष्पक्ष चुनाव की व्यवस्था करनी चाहिये। कांग्रेस व विपक्ष के लीडर राहुलगांधी ने ऐसे अकाटय तथ्य सामने रखे है कि सभी राजनैतिक दल भी हैरान है। एक व्यक्तिका नाम अनेक स्थानों की मतदाता सूची में है और एक-एक कमरे में 80-80 मतदाता भर दियेहै। मरने वाले के नाम जिंदा की सूची में है और जीवित मतदाता के मृतक में नाम है। आखिरचुनाव आयोग कर क्या रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में 2018 में कमलनाथ जबप्रदेश अध्यक्ष थे तब उन्होंने इस पर काम कराया था, जिसमें 50 लाख फर्जी वोटर चिन्हितकिये गये थे। दिग्विजय सिंह ने कहा कि आज हमारी लडाई चुनाव आयोग से है कि वह हमें वोटरलिस्ट डिजीटल फार्मेट में दे ताकि इसमें सही वोटर और फर्जी वोटर की पहचान हो सके। दिग्विजयसिंह ने बताया कि कल इंडिया गठबंधन के सभी सांसद इसी मुददे को लेकर संसद भवन से चुनावआयोग तक मार्च निकाल रहे है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षोमें चुनाव आयोग एक पक्षीय कार्रवाई कर रहा है, जो स्वस्थ लोकतंत्र के लिये सही नहींहै। इस मौके पर पूर्व मंत्री बालेन्दु शुक्ला भी उपस्थित थे।
