डिगांवमाली चौपाल पर हुआ विद्यालय बंद करने का विरोध

मंदसौर। सांदिपनी विद्यालय गुर्जरबर्डिया की छात्र संख्या बढ़ाने को लेकर पलवई, गांधीग्राम, बर्डियाखेड़ी, चिपलाना, डिगांवर्खुद तथा डिगांवमाली जैसे गांवों के प्राथमिक माध्यमिक विद्यालयों को बंद किया जा रहा है जो अनुचित है। सन् 1986 से चला आ रहा शासकीय प्राथमिक विद्यालय डिगांवमाली जहां हमारी और हमारे बुजुर्गो की यादो का केन्द्र बिन्दु है प्राथमिक से माध्यमिक और हायर सेकेण्डरी का सफर देखने वाले इस चिद्यालय को बंद होते नही देख सकते चाहे आंदोलन करना पड़े प्र्रदर्शन या भुख हड़ताल, यह विचार पुर्व सरपंच हरीवल्लभ शर्मा ने व्यक्त किये। साथ ही जनपद अध्यक्ष बसंत शर्मा से चर्चा की है। डिगांवमाली जनशिक्षा केन्द्र और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय है। यहां सुविधाएं बड़ाना चाहिए ना कि विद्यालय बंद करना चाहिए।

सरपंच प्रतिनिधि दशरथ सिंह आंजना ने कहां कि प्राथमिक शाला गांव की आन-बान-शान है और 65 बच्चो को 2 शिक्षक शिक्षिकाओ द्वारा गुणवत्तापुर्ण शिक्षा के साथ शासन की सभी योजना का लाभ दिया जा रहा है जो सराहनिय है। जनप्रतिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा 6 वर्षों मेें शाला का कायाकल्प हुआ है और नीत नवीन सुविधाएं एलईडी टीवी, साउंड सिस्टम, ज्ञानवर्धन चित्रकारी, लाइब्रेरी, खेल मैदान, फर्नीचर तथा झुले चकरी जैसी सभी सुधिआएं उपलब्ध कराई हैं, ऐसे में विद्यालय को बंद करना घोर निन्दनीय है।

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