जबलपुर: नगर सरकार के 3 वर्ष के कार्यकाल पूरे होने के मौके पर महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू सभी पार्षदों के साथ मिलकर गौरीघाट के उमाघाट पहुंचे। जहां उन्होनें शहर के विकास और खुशहाली की कामना करते हुए मां नर्मदा को चुनरी अर्पित की और पूजन-अर्चन किया। इस दौरान उन्होनें कहा कि शहर के समग्र विकास के लिए वे सर्वस्व न्यौछावर कर देंगे। इस मौके पर बचे हुए 2 साल के कार्यकाल के दौरान शहर को महानगर बनाने की दिशा में और बेहतर प्रयास करने की बात भी महापौर ने कही।
साथ ही कहा कि गंदे नालों को बंद कराने का संकल्प सिर्फ मां नर्मदा के आशीर्वाद से ही प्राप्त हुआ है। 3 साल के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों से शहर महानगर का रूप ले रहा है और बचे हुए दो सालों में विकास के ऐसे कार्य किए जाएंगे जिससे जबलपुर महानगर के रूप में पहचाना जाने लगेगा।इस वर्ष नगर निगम के स्कूलों के उत्कृष्ट अंक पाने वाले 18 बच्चे हवाई यात्रा का लाभ उठाएंगे।
अभी तक 10 बच्चे इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं। शहरवासियों को जल्द 100 एसी इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिलेगी। 200 करोड़ रुपए से कचरा कलेक्शन व्यवस्था के साथ बायो प्लांट की स्थापना होगी। नगर निगम द्वारा 30 सोलर प्लांट लगाने का काम चल रहा है। ऐसा होने पर हर साल नगर निगम को बिजली के नाम पर 5 करोड़ रुपए बचेंगे। 11 हजार सफेद एलईडी से शहर जगमगा रहा है वहीं सीवर लाइन के लिए 1 हजार करोड़ की निविदा जारी कर दी गईं हैं।
ये सारी बातें महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने पत्रकारवार्ता के दौरान कहीं। पत्रकारवार्ता के दौरान महापौर के साथ पाटन विधायक अजय विश्नोई, केंट विधायक अशोक रोहाणी, बरगी विधायक नीरज सिंह लोधी, उत्तर मध्य के विधायक अभिलाष पांडे, नगर निगम अध्यक्ष रिंकूज विज, भाजपा जिला अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, ग्रामीण अध्यक्ष राजकुमार पटैल,सभी एमआईसी सदस्य सहित नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति रही।
जो संकल्प लिए उसे पूरा किया: महापौर
उपलब्धियों की गाथाओं का अभी तक का 3 साल का नगर निगम कार्यकाल रहा है। जो संकल्प महापौर बनने के पहले मैंने लिए थे उन्हें पूरा कर दिया गया है और जो संकल्प अब मैं ले रहा हूं उसे भी पूरा करूंगा। अभी 1500 करोड़ रुपए के शहर में विकास कार्य पूरे हो चुके हैं। आने वाले एक साल में हर घर में नर्मदा जल पहुंचेगा जिसके लिए 312 करोड़ के कार्य प्रगति पर हैं। ये बातें महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने शुक्रवार को आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान कहीं।
मां नर्मदा में गंदा पानी मिलना कराया बंद
नगर निगम के 3 वर्ष के कार्यकाल के दौरान जहां जलप्लावन से शहरवासियों को राहत मिली है तो वहीं दूसरी तरफ मां नर्मदा में मिलने वाले नाले के गंदे पानी को बंद कराया गया है। इसके लिए नालों में एसटीपी लगाए गए जिसके बाद अब उसमें से फिल्टर होकर जल आगे प्रवाहित हो रहा है।
250 आंगनबाड़ी केंद्रों को लिया गोद
महापौर ने यह भी बताया कि शहर में पहली बार नगर निगम ने सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से 250 आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लिया है। इनमें से दिसंबर माह ते 687 आंगनबाड़ी केंद्र सर्वसुविधायुक्त होंगे। साथ ही 5 हजार सफाई संरक्षकों का सम्मान करना और 14 करोड़ रुपए की लागत से शहर के 5 तालाबों का कायाकल्प होने की बात पर भी महापौर ने प्रकाश डाला।
नवाचार को सराहा जा रहा
नगर निगम के नवाचार की भी काफी चर्चाएं हुईं। अब मंदिरों और घरों की पूजन सामग्री से अगरबत्ती, धूपबत्ती व ऑर्गेनिक खाद्य बनाने बल्देवबाग स्थित प्लांट में 2 टिपर वाहनों के जरिए कचरा जाएगा और फिर वहां से रिसाईकिल कर उसे नया रूप दिया जाएगा। महापौर ने कहा कि प्रदेश का सबसे ऊंचा 75 मीटर का राष्ट्रीय ध्वज तिलवारा घाट में लहराकर शहर विकास की आवाज को और बुलंद कर रहा है। वहीं देश में स्वच्छता में 5वां रैक मिलने की खुशियां अपने आप में सफलता की कहानी बयां कर रहा है।
कुछ इस प्रकार हैं घोषणाएं…
–निगम के इतिहास में पहली बार नगर निगम के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का 2 लाख तक का जीवन बीमा कराया जाएगा।
–नगर निगम के 74 कर्मचारियों के मामले में निगम स्तर पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
–200 करोड़ रुपए की राशि से जलप्लावन से निजात दिलाने के काम और शुरू होंगे।
–मेयर पास जारी किए जा रहे हैं। जिसमें सामान्य नागरिकों के लिए मासिक 800 रुपए, छात्र-छात्राओं के लिए मासिक 400 रुपए, वरिष्ठ नागरिकों के लिए मासिक 350 रुपए और दिव्यांगजनों के लिए मासिक 200 रुपए मेट्रो बस के सफर में लगेंगे।
–हर साल सफाई मित्रों का किया जाएगा सम्मान।
–हर साल रक्षाबंधन के दिन मेट्रो बसों में मातृशक्तियों का सफर नि:शुल्क होगा।
इन संकल्पों को महापौर ने लिया…
–जबलपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण करना।
–इंदौर की तर्ज पर नर्मदा प्रसादम के नाम पर 56 भोग मार्केट का निर्माण करना।
–शहर में फिल्म सिटी का निर्माण करना।
–एक हजार नए रोजगार का सृजन करना।
— हजारों घरों,संस्थानों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करना।
