
कटनी। जिले के देवरी हटाई गांव में दूषित पानी पीने से उल्टी-दस्त का प्रकोप फैल गया है। इस मामले में ग्रामीणों ने तीन लोगों की मौत होने की बात कही है। अब तक 70 से ज्यादा ग्रामीण इसकी चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 25 से अधिक लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में आपात चिकित्सा शिविर लगाकर इलाज शुरू कर दिया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले एक हफ्ते से उल्टी-दस्त के मरीज सामने आ रहे थे। अचानक संख्या बढ़ने से गांव में हड़कंप मच गया। जांच में सामने आया कि गांव की नलजल योजना की पाइपलाइन में कई जगह लीकेज हो गई थी। इससे गंदा पानी टंकी में मिलकर लोगों तक पहुंच रहा था।
ग्रामीणों का कहना है कि इस दौरान तीन बुजुर्गों की मौत भी हुई है। मृतकों में रामकृपाल यादव (75), काशी प्रसाद कुशवाहा (65) और प्रकाश सिंह (65) शामिल हैं। हालांकि प्रशासन ने इन मौतों को अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा बताया। पीएचई विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पानी के सैंपल लिए हैं। इसके बाद पानी की सप्लाई बंद करवा दी गई है। पेयजल टंकी को पूरी तरह खाली करवा दिया गया है। फिलहाल ग्रामीणों को सिर्फ हैंडपंप का पानी पीने की सलाह दी गई है। जिला अस्पताल के सी एम एच ओ डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि पाइपलाइन में लीकेज की वजह से दूषित पानी लोगों तक पहुंचा, जिससे उल्टी-दस्त की समस्या फैली। अब तक 50 से ज्यादा ग्रामीणों का इलाज किया जा चुका है। गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है, स्थिति नियंत्रण में है।
