इंदौर:रक्षाबंधन जैसे पावन पर्व को लेकर इंदौर केंद्रीय जेल की महिला बैरक में इस बार खास तैयारियां हो रही हैं. यहां की महिला बंदियां न सिर्फ त्योहार के उल्लास को महसूस कर रही हैं, बल्कि स्वरोजगार की दिशा में भी कदम बढ़ा रही हैं. जेल प्रशासन की पहल पर महिला बंदियों द्वारा राखियों का निर्माण किया जा रहा है, जिन्हें आम नागरिक भी खरीद सकेंगे.
जेल अधीक्षक अलका सोनकर ने बताया कि पिछले 10 दिनों से महिला बंदियों को राखी निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इन बंदियों का लक्ष्य करीब 1000 राखियां तैयार करने का है. इन राखियों को केंद्रीय जेल इंदौर के ‘कान्हा आउटलेट’ के माध्यम से बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा.
कीमतें भी आम लोगों की पहुंच में रखी गई हैं 10 से 80 तक की श्रेणी में राखियां खरीदी जा सकेंगी. जेल प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियां महिला बंदियों को मानसिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें हुनरमंद भी बनाती हैं, जिससे वे जेल से बाहर निकलने के बाद अपने पैरों पर खड़ी हो सकें.
राखियों में झलक रहा पुनर्वास का रंग
इन राखियों की मांग सिफर्ड्ड जेल परिसर में ही नहीं, बल्कि शहर के बाहर भी देखी जा रही है. जेल प्रशासन आगे इसे एक नियमित कौशल कार्यक्रम में तब्दील करने की योजना बना रहा है.
