मुंबई, 06 अगस्त (वार्ता) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को बताया कि वह जमा खाता या सेफ डिपॉजिट लॉकर के ग्राहक की मृत्यु की स्थिति में नॉमिनी के दावे के निपटान के लिए मानक प्रक्रिया बनाने के लिए जल्द ही नियम जारी करेगा।
केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद आज विकासात्मक एवं नियामक नीतियों पर जारी बयान में कहा गया है कि जमा खातों और सेफ डिपॉजिट लॉकर में नॉमिनी का प्रावधान इसलिए है कि ग्राहक की मृत्यु की स्थिति में परिवार के सदस्यों को दावा निपटान या सामान लेने में कम से कम परेशानी हो। हालाँकि, यह देखा गया है कि हर बैंक में इसके लिए अलग-अलग प्रक्रिया और नियम हैं।
आरबीआई ने कहा कि दावा निपटान के लिए बैंकों की प्रक्रियाओं और जरूरी कागजात में एकरूपता लाने के लिए वह मानक नियम-प्रक्रिया जारी करेगा। इस संबंध में जल्द ही एक मसौदा सर्कुलर जारी किया जायेगा जिस पर लोगों और अन्य हितधारकों से राय माँगी जायेगी। उनके सुझावों के आधार पर नियमों को अंतिम रूप दिया जायेगा।
इसके अलावा, केंद्रीय बैंक ने बताया कि सरकारी ट्रेजरी बिल्स के लिए रिटेल डायरेक्ट पोर्टल में ऑटो बिडिंग की सुविधा शुरू की गयी है जिसमें निवेश और पुनर्निवेश के विकल्प दिये गये हैं। इससे खुदरा निवेशक टी-बिल्स की प्राथमिक बोली के लिए ऑटो बिडिंग कर सकेंगे।
रिटेल डायरेक्ट पोर्टल नवंबर 2021 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य खुदरा निवेशकों को रिजर्व बैंक के पास गिल्ट खाता खोलकर रिटेल डायरेक्ट स्कीम के तहत सरकारी प्रतिभूतियों में सीधे निवेश की सुविधा दी गयी थी।

