बैंक प्रबंधक की मिलीभगत से लाखों का केसीसी घोटाला, बैंक के पूर्व प्रबंधक सहित तीन हिरासत में

ब्यावरा। फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन प्राप्त करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है इनमें बैंक एक बैंक का प्रबंधक भी शामिल है. इनकेे पास से 5 लाख 80 हजार रुपये नगदी राशि बरामद की है.

पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के.एल. बंजारे एवं एसडीओपी प्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन में पुलिस टीम द्वारा आरोपियों को पकडऩे में सफलता प्राप्त की है. सोमवार को सिटी थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में प्रेस वार्ता में इस समूचे घटनाक्रम का खुलासा किया गया.

पुलिस के अनुसार 17 जुलाई को फरियादी विजय सिंह गुर्जर निवासी ग्राम पाखरियापुरा थाना चांचौड़ा जिला गुना द्वारा सिटी थाना ब्यावरा में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्तियों ने उनके आधार कार्ड एवं भूमि दस्तावेजों का दुरुपयोग कर आईसीआईसीआई बैंक शाखा ब्यावरा से 9 लाख 87 हजार का फर्जी किसान के्रडिट कार्ड लोन निकाल लिया है. इस गंभीर आर्थिक अपराध की सूचना पर थाना प्रभारी वीरेन्द्र सिंह धाकड़ द्वारा धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120 बी भादवि के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरु की.

फर्जी दस्तावेज से निकाला लोन

जांच में सामने आया कि कृष्णगोपाल पिता धनराज निवासी खरेटिया कला थाना मलावर ने पूर्व आईसीआईसीआई बैंक प्रबंधक योगेश पिता परमांनद निवासी पारायण चौक राजगढ़, सचिन पिता मोतीलाल कुंभकार निवासी इंगले कॉलोनी राजगढ़, श्रीराम पिता धनराज निवासी चक लेहरचा थाना चांचौड़ा जिला गुना एवं जयसिंह पिता गजराज सिंह निवासी कुंभराज जिला गुना की मिलीभगत से फरियादी के नाम पर कूटरचित दस्तावेज, फर्जी आधार कार्ड एवं नकली बंधक पत्र तैयार कर फर्जी लोन पास करवाया था.

पुलिस ने कृष्ण गोपाल, पूर्व आईसीआईसीआई बैंक प्रबंधक योगेश पिता परमानंद साहू निवासी पारायण चौक राजगढ़, सचिन पिता मोतीलाल कुंभकार निवासी इंगले कॉलोनी राजगढ़ को गिरफ्तार किया है. जबकि श्रीराम पिता धनराज गुर्जर निवासी चक लेहरचा थाना चांचौड़ा तथा जयसिंह पिता गजराज सिंह निवासी कुंभराज फरार है.

नोटिस पहुंचा तब आया मामला सामने

यह मामला तब सामने आया जब फरियादी किसान के पास लोन अदा करने संबंधी नोटिस पहुंचा. किसान द्वारा सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों द्वारा उनके नाम से लोन निकलवाने का घटनाक्रम बताया. तत्पश्चात पुलिस द्वारा मामले की जांच शुरु करते हुए आरोपियों को धर दबोचा.

मामले का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी वीरेन्द्र सिंह धाकड़ के नेतृत्व में उप निरीक्षक जगदीश गोयल, सउनि शादाब खान, प्रधान आरक्षक शैलेन्द्र सिंह भगवती, विकास यादव, आरक्षक दिनेश किरार, पियूष गुप्ता, कुलदीप, जयप्रकाश, अंशुल त्यागी, चालक संजय बाथम का महत्वपूर्ण योगदान रहा.

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