तेल अवीव, 01 अगस्त (वार्ता) इजरायल के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से अधिकांश राजनयिक कर्मचारियों और उनके परिवारों को निकालने का आदेश दिया है।
यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) के खाड़ी में रहने वाले इजरायलियों के लिए यात्रा चेतावनी के बाद लिया गया है। समचार पोर्टल ‘वाईनेट’ ने यह जानकारी दी।
रिपोर्ट में गुरुवार को कहा गया है कि इजरायली एनएससी द्वारा यूएई की यात्रा के खिलाफ प्रकाशित एक चेतावनी के बाद आंशिक निकासी का यह आदेश सामने आया है।
एनएससी ने खुफिया जानकारी का हवाले से कहा कि ईरान, हमास, हिजबुल्लाह और वैश्विक जेहादी गुटों समेत आतंकवादी समूहों ने यूएई में इजरायली और यहूदी लोगों को निशाना बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। इसके अलावा इजरायली राजदूत की एक ‘हरकत’ को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। यूएई ने राजदूत को लेकर तेल अवीव से नाराजगी जताते हुए वापस बुलाने की मांग की थी।
इजरायल की एनएससी ने एक बयान में कहा, “हम इस यात्रा चेतावनी पर ज़ोर दे रहे हैं क्योंकि हमें पता है कि आतंकवादी संगठन (ईरानी, हमास, हिज़्बुल्लाह और ग्लोबल जिहाद) इज़रायल को नुकसान पहुँचाने की अपनी कोशिशें बढ़ा रहे हैं।”
बताया जा रहा है कि एनएससी ने अपने नागरिकों को संयुक्त अरब अमीरात में, खासकर यहूदी त्योहारों और शब्बत के आसपास, इज़रायली और यहूदी लोगों को निशाना बनाने की संभावित कोशिशों के प्रति आगाह किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अबू धाबी स्थित इजरायली दूतावास और दुबई स्थित महावाणिज्य दूतावास को खाली कराया जा रहा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने 23 जुलाई को कहा कि डब्ल्यूएचओ गाजा में कुपोषण से संबंधित मौतों में तेजी से वृद्धि पर नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि गाजा की 10 प्रतिशत से अधिक आबादी गंभीर कुपोषण से प्रभावित है और 20 प्रतिशत से अधिक गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं कुपोषण से पीड़ित हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि मानवीय सहायता आपूर्ति में रुकावट और पहुँच प्रतिबंधों के कारण भूखमरी का संकट और भी बदतर हो रहा है।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि इस क्षेत्र में भुखमरी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 154 हो गई है, जिनमें 89 बच्चे शामिल हैं।
