नयी दिल्ली, 30 जुलाई (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि नियमित प्रक्रिया के माध्यम से स्थायी कुलपतियों की नियुक्ति होने तक केरल के कुलाधिपति (राज्यपाल) कानून के अनुसार वर्तमान कार्यवाहक कुलपतियों को पद पर बने रहने या अस्थायी रूप से नए कुलपतियों की नियुक्ति करने की अनुमति देने वाली अधिसूचनाएँ जारी कर सकते हैं।
न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने केरल के राज्यपाल (राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति) और राज्य सरकार से छात्रों के हित में सौहार्दपूर्ण ढंग से मिलकर काम करने का आह्वान किया।
इसी तरह पीठ ने एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और केरल डिजिटल विज्ञान, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कुलपतियों की नियमित नियुक्ति की पहल की।
शीर्ष अदालत ने केरल के राज्यपाल कार्यालय की ओर दायर विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि कुलाधिपति भी सहयोग करेंगे और राज्य सरकार से जो भी सिफारिश की जाएगी, उस पर विचार करेंगे।”
याचिका में केरल उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती दी गई है ,जिसमें राज्य सरकार की सिफारिशों के बिना अस्थायी कुलपतियों की नियुक्ति को रद्द कर दिया गया था।
केरल उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने 19 मई को इन नियुक्तियों को रद्द कर दिया, जिसे एक खंडपीठ ने 14 जुलाई को बरकरार रखा। फैसले में कहा गया है कि ऐसी नियुक्तियाँ तकनीकी विश्वविद्यालय अधिनियम और डिजिटल विश्वविद्यालय अधिनियम के अनुरूप होनी चाहिए।
