कार्बन उत्सर्जन सीमा संबंधी रिपोर्ट को खारिज करेगा अमेरिका

वाशिंगटन, 30 जुलाई (वार्ता) अमेरिका ने ऐलान किया है कि वह ग्रीनहाउस गैसों से पर्यावरण को नुकसान पर बनी एक ऐतिहासिक रिपोर्ट “एडेंजरमेंट फाइडिंग” को अस्वीकार करने जा रहा है। जलवायु परिवर्तन पर काम करने वाले संगठन इस घोषणा से सकते में आ गए हैं।
यह रिपोर्ट साल 2009 में तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय तैयार की गई थी। उन्होंने अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (ईपीए) को उत्सर्जन मानक निर्धारित कर प्रदूषण को सीमित करने के नियम बनाने की अनुमति दी थी। अब अमेरिका इस रिपोर्ट के निष्कर्षों को नकारने जा रहा है। इससे आशंका बन गई है कि अमेरिका के जलवायु मेें बदलावों से निपटने के प्रयासों पर खासा असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस कदम का पर्यावरण पर विनाशकारी प्रभाव पड़ सकता है।
गौरतलब है कि अमेरिका वैश्विक जलवायु परिवर्तन के कारकों में एक प्रमुख योगदानकर्ता है। अमेरिका का प्रति व्यक्ति उत्सर्जन आज विश्व में सबसे ज्यादा है। जब यह रिपोर्ट बन कर तैयार हुई थी तो पाया गया था कि कारों, बिजली संयंत्रों और कारखानों जैसे स्रोतों से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन होता है। यह उत्सर्जन ही जलवायु परिवर्तन का कारण है और यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। अगर अमेरिका इस रिपोर्ट से पीछे हटता है तो उसे उत्सर्जन मानकों पर आने वाले खर्च के रूप में 54 अरब अमेरिकी डॉलर की बचत हो सकती है।

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