नयी दिल्ली, 29 जुलाई (वार्ता) गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा है कि अपराध से संबंधित तीनों कानूनों के मद्देनजर पुलिस को आधुनिक तकनीक के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के संस्थान में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
श्री राय ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में मंगलवार को कहा कि न्याय के लिए एक समय सीमा तय की गयी है और इसके तहत समय-समय पर कानून और जांच एजेंसियों के जरिए ही इन्हें व्यावहारिक बनाया जा रहा है।
श्री राय ने कहा कि तीनों कानून दंड नहीं, बल्कि न्याय की भावना से बनाए गए हैं इसलिए इन तीनों कानूनों को पाठ्यक्रम में न्यायिक भावना से समाहित किया गया है। पुलिस बल मनोवैज्ञानिक तरीके से और व्यावहारिक रूप में इन कानूनों को समन्वित कराने का काम करते हैं। उनका कहना था कि अपराध किसी भी प्रकार का हो ,उस पर सरकार पूरी तरह से लगाम लगाने का प्रयास कर रही है। जिस तरह के भी अपराध सामने आते हैं, उसके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने कहा कि अपराध की प्रवृत्तियों में परिवर्तन आया है और इससे जुड़ी जो भी चुनौतियां हैं, मोदी सरकार इन समस्याओं के समाधान के लिए कारगर कदम उठा रही है और सरकार सभी अपराधों से जुड़ी तकनीकी का इस्तेमाल कर कानून को न्याय संगत बनाने का काम कर रही है। अपराध में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों में नए-नए सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है और इसे भी पाठ्यक्रमों में शामिल किया गया है। इसके तहत अकादमी में फॉरेंसिक फोटो पर भी व्यावहारिक प्रशिक्षण अकादमी में दिया जा रहा है।
