
भोपाल। मप्र विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने आज मप्र में जल जीवन मिशन में 10,000 करोड़ के सुनियोजित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और खा कि इस पूरे मामले की न्यायिक निगरानी में सीबीआई जांच हो। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना को जल्दी-जल्दी-मनी मिशन में बदल दिया गया, जहां भ्रष्टाचार की जड़ें मंत्री, प्रमुख सचिव, अभियंता व ठेकेदारों तक फैली रहीं।
उन्होंने कहा कि बिना तकनीकी जांच के 27,000 ट्यूबवेल आधारित योजनाएं बनाई गईं, DPR गूगल डाटा के आधार पर तैयार की गईं और करोड़ों का भुगतान बिना काम के किया गया। अनुपयोगी यंत्रों को महंगे दामों पर खरीदा गया। पुराने पाइपों को नया बताकर भुगतान लिया गया, और एक प्रतिशत कमीशन पर फंड जारी करने के आरोप भी लगाए गए।
कटारे ने मांग की है कि विभागीय मंत्री संपतिया उइके को बर्खास्त कर प्रमुख अभियंता के.के. सोनगरिया, आलोक अग्रवाल और महेन्द्र खरे पर FIR दर्ज कर जांच हो। साथ ही रेट रिवीजन से जुड़ी सभी योजनाओं की पुनः जांच तथा दोषियों की सम्पत्ति और कॉल रिकॉर्ड की CDR जांच होनी चाहिए।
