सुकमा 25 जुलाई (वार्ता) छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में लगातार बारिश से जन जीवन प्रभावित है तथा सबरी नदी का लगतार जल स्तर बढ़ रहा है तथा उसमें डूब कर अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
जिला में लगातार तीन दिनों की बारिश ने जनजीवन पर असर पड़ा। वही सुकमा जिले को 100 से ज्यादा गावो जिला मुख्यालय से सम्पर्क टूटा वाली सड़क दोरनापाल से जगरगुड़ा मार्ग तक हर कई जगह पर आने वाले लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। इन जगहों पर गाड़ियां फंस जा रही है। जवानों के द्वारा धका मार कर वाहनों को पार करते देखा जा सकता है। वही कांकेरलंका के पास बन रहे पुल का डायवर्सन बहने से लोगो की मुसीबतें बढा दी हैं।
आदिवासी इलाके में बारिश कई बार आफत बनकर बरसती है। हर साल बारिश आती है, रास्ता बहा ले जाती है और लोग फिर से फंस जाते हैं। मूसलाधार बारिश के चलते निर्माणाधीन पुल का अस्थायी डायवर्सन बह गया है जो जिला मुख्यालय से कई गांवों को जोड़ता है। पुल का निर्माण वर्षों से अधूरा पड़ा है। निर्माण एजेंसियां जिन्हें काम को पूरा कर स्थिति को बेहतर करना चाहिए उनकी सुस्त कार्यप्रणाली ने हालत और बदतर कर दिए हैं। वही सुकमा में बाढ़ तीन लोगों डूबने से मौत हो चुकी है।
इन गांव को जोड़ता है पुल सुकमा जिला मुख्यालय से 100 से गांव का सम्पर्क टूटा पोटकपल्ली, जगरगुड़ा, पूवर्ती, मिनपा, एल्मागुंडा और किस्टाराम जैसे सुदूर ग्रामीण अंचलों को ये पुल जोड़ता है। अब इन क्षेत्रों का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह टूट चुका है।
इस मार्ग से गुजरने वाले अधिकांश लोग आदिवासी समुदाय से हैं। इनकी आजीविका खेती, वनोपज और दैनिक मज़दूरी पर निर्भर है. डायवर्सन बह जाने से आम लोग तो छोड़िए बीमारों का भी अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो गया है। गर्भवती महिलाओं की स्थिति और भी चिंताजनक है जबकि वहीं, स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है छात्रों को या तो लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है या फिर स्कूल ही नहीं पहुंच पा रहे है।
