
विदिशा। विकास के दावे उस वक्त बेमानी साबित हो जाते है जब मूलभूत जरूरत की सुविधाओं को भी तरसना पड़े संवेदनाओं का जझकोरने वाला वाला सामने आया है. जहां शव यात्रा में शामिल लोगों को शव लेकर करीब आधा फिट के गड्डों को पार कर जाना पड़ा परेशानी यहीं खत्म नहीं होती है इसके आगे और भी ज्यादा परेशानियों से जूझना पड़ा. दरअसलग्यारसपुर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत सीहोद के ग्राम सीहोद चक से सामने आया जहां पर गांव की 70 वर्षीय महिला देवा बाई पति ओमकार सिंह लोधी की मौत हो जाती है, और उसके लिए दाह संस्कार करने के लिए परिजन एवं ग्रामीण श्मशान घाट लेकर जाते हैं तो , रास्ते में परिजनों रिश्तेदारों एवं गांव वालों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, रास्ते में भारी कीचड़ और पानी से निकलते हुए अर्थी को शमशान घाट लेकर पहुंचते हैं तो वहां पर स्थाई टीन सेड न होने के चलते परिवार जनों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जुगाड़ से दो या तीन टीन की चद्दर लकडिय़ों पर रखकर भारी बारिश के बीच दाह संस्कार करना पड़ा. ग्रामीण राजा लोधी, शैतान सिंह लोधी, कमलेश लोधी, दौलत सिंह लोधी, प्रेम सिंह विश्वकर्मा, मोहन सिंह लोधी टीकाराम लोधी, मनोज लोधी, परसोत्तम लोधी ने बताया कि 500 लोगों की बस्ती है और यहां पर स्थानीय ग्राम पंचायत सीहोद के द्वारा अभी तक स्थाई श्मशान घाट पर टीन सेड का निर्माण नहीं कराया, जिसके चलते यह भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है . उन्होंने बताया है कि जब भी बारिश में गांव में किसी की मृत्यु हो जाती है तो दाह संस्कार करने में भारी परेशानी होती है. उन्होंने शासन प्रशासन से मांग की है कि हमारे गांव में श्मशान घाट एवं टीन सेड का निर्माण कराया जाए.ग्यारसपुर के जनपद सीईओ जितेंद्र जैन ने बताया कि ग्राम पंचायत सीहोद में शांति धाम मनरेगा से स्वीकृत हुआ है और चबूतरा बना हुआ है. टीनशेड लगाने के लिए ग्रामीणों द्वारा विरोध किया जा रहा था, इस कारण से टीन शेड नहीं लग पाया है. एक-दो दिन में गांव जाकर ग्रामीणों को समझाइश देकर टीन शेड लगाया जाएगा.
