
भोपाल। नगर निगम परिषद की बैठक गुरुवार को उस समय विवादों के केंद्र में आ गई जब एक ओर प्रमुख क्षेत्रों के नाम बदलने को लेकर प्रस्ताव पारित हुए, वहीं दूसरी ओर भोपाल के पूर्व नवाब हमीदुल्ला खान को “गद्दार” कहे जाने पर तीखा बवाल खड़ा हो गया।
बैठक की शुरुआत में भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव द्वारा पेश प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिसमें अशोका गार्डन का नाम बदलकर ‘राम बाग’ और 80 फीट रोड स्थित चौराहे को ‘स्वामी विवेकानंद चौराहा’ नाम देने की सिफारिश की गई। यह प्रस्ताव पारित होते ही विपक्षी पार्षदों ने इसे ‘सांप्रदायिक मानसिकता’ से प्रेरित और इतिहास के साथ छेड़छाड़ करार दिया।
माहौल तब और तनावपूर्ण हो गया जब हमीदिया अस्पताल और कॉलेज के नाम बदलने की चर्चा छिड़ी। इस पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्षदों ने कड़ा विरोध जताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ऐतिहासिक संस्थानों की विरासत मिटाने की कोशिश कर रही है।
विवाद उस वक्त चरम पर पहुंच गया जब परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने तत्कालीन भोपाल नवाब हमीदुल्ला खान को “गद्दार” कह डाला। इस टिप्पणी से विपक्षी पार्षद भड़क उठे और बैठक में नारेबाज़ी व तीखी बहस शुरू हो गई। कांग्रेस पार्षदों ने अध्यक्ष से बयान वापस लेने की मांग करते हुए इसे “भोपाल की ऐतिहासिक पहचान का अपमान” बताया।
विवाद बढ़ने पर कई बार बैठक की कार्यवाही रोकनी पड़ी और परिषद परिसर में अफरातफरी की स्थिति बन गई। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नाम परिवर्तन के प्रस्तावों को अंतिम निर्णय के लिए शासन को भेजा जाएगा।
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि भोपाल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान पर राजनीतिक ध्रुवीकरण गहराता जा रहा है, और नवाबी विरासत को लेकर सामाजिक टकराव भी सामने आने लगे हैं।
