जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश के तहत पत्नी व बच्चों के अलावा किसी अन्य को फैमिली पेंशन देने पर रोक लगा दी। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय शहडोल व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।दरअसल शहडोल निवासी सुनयना जायसवाल की ओर से बताया गया कि याचिकाकर्ता के पति जिला चिकित्सालय में पदस्थ थे।
मनमुटाव के कारण पति-पत्नी अलग रह रहे थे, लेकिन तलाक नहीं हुआ था। पति ने नॉमिनी से पत्नी का नाम हटा दिया था और भाई का नाम दर्ज कर दिया था। वर्ष 2022 में पति की मृत्यु हो गई। दलील दी गई कि सिविल सेवा पेंशन नियम के अनुसार पति की मृत्यु के बाद फैमिली पेंशन पर पहला अधिकार पत्नी का ही होता है। जिसके बाद न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये।
