जबलपुर: संजीवनी नगर थाना क्षेत्र में 12 जनवरी 2025 को हुए आगजनी कांड में 10 डॉग, एवं कुछ बर्डस् जिंदा जलकर खाक हो गए थे। मामला थाने तक पहुंचा लेकिन आगजनी कांड की पुलिस ने जांच बंद कर दी। इतना ही नहीं सीएसपी के कहने पर भी थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। अब एनिमल लवर्स ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई हैं।
शिकायतकर्ता अजीत सिंह आनंद उर्फ मंगे सरदार पिता स्व, भगत सिंह आनंद निवासी आदर्श नगर ग्वारीघाट ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत करते हुए बताया कि संजीवनी नगर थाना अंतर्गत एक महिला काजल कुंडू मकान में अकेली रहती थी। उसने अपने साथ 10-12 डॉग एवं कुछ बर्डस् पाली हुई थी। 12 जनवरी को आगजनी की घटना में डॉग्स और बर्ड्स झुलस गए थे जिससे उनकी मौत हो गई थी।
उक्त महिला जिस मकान में रहती थी वह मकान किसी अग्रवाल परिवार का है। विवेचना अधिकारी ने अपने पद का दुरूपयोग कर मकान मालिक किरायेदार एवं विद्युत कर्मियों एवं नगर निगम के कर्मचारियों के साथ मिलकर आगजनी की। घटना में जो जिन्दा जीव जन्तु जलकर मर चुके थे। संजीवनी नगर थाना के अधिकारियों ने एक राय होकर अग्रवाल परिवार एवं किरायेदार से मिलकर सभी साक्ष्यों को नष्ट किया है।
पुलिस ने इस मामले में अपराध दर्ज नहीं किया। पुलिस सूचना होने के बाद मौके पर गई थी। उसके बाद भी उन्होने उन बेजुबान जानवरों का पोस्ट मार्टम नही कराया। पुलिस ने मकान मालिक के द्वारा अपने मकान पर बिना पुलिस थाने को सूचना दिये महिला को अपने मकान में किराये पर रखा गया, इसकी सूचना मकान मालिक ने नियमानुसार पुलिस को नहीं दी। महिला काजल कुंडू के मोबाइल नंबर एवं सी. डी. आर. की जांच की जाये एवं उक्त महिला बंगाल से आई है, जिसका कोई आधार कार्ड और कोई आई. डी. प्रूफ नहीं है महिला की गतिविधियां संदिग्ध हैं।शिकायतकर्ता अजीत सिंह ने बताया कि मामले में गोरखपुर सीएसपी एमडी नागोतिया ने संजीवनी नगर पुलिस को एफआईआर करने के निर्देश दिए थे लेकिन अब तक एफआईआर नहीं हुई। डॉग्स लवर्स ने मामले में निष्पक्ष जांच और आपराधिक मामला दर्ज करने के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
