
इंदौर. आखिरकार इंदौर में पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाए जा रहे दोनों ब्रिज के डिजाइन फिर से बनाने का निर्णय विभाग को लेना पड़ा. अब इंदौर के एमआर 4 भागीरथपुरा और बाणगंगा रेलवे ओवर ब्रिज की डिजाइन दोबारा बनेगी. पीडब्ल्यूडी मुख्य अभियंता डिजाइन का अनुमोदन करेंगे. इसके बाद आईआईटी इंदौर द्वारा डिजाइन प्रूफ जांच की जाएगी.
पीडब्ल्यूडी ने इंदौर के एमआर-4 और बाणगंगा रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण कार्य को फिलहाल बंद कर दिया है. इसकी वजह यह है कि दोनों ब्रिज की भुजाओं में 90 के मोड़ बन रहे है. इसको लेकर नव भारत ने सबसे पहले दोनों ब्रिज का मुद्दा उठाया था. खबर प्रकाशित होने के बाद मामला भोपाल में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, मंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुंचा. मामला संज्ञान में आने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग में इंदौर से लेकर भोपाल तक खलबली मच गई. पीडब्ल्यूडी विभाग में भ्रामक प्रचार भी बताने की कोशिश की. इसके बाद जब नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मौके पर अधिकारियों से जानकारी ली और पीडब्ल्यूडी विभाग के ब्रिज सेल की गलती को सही पाया. इसके बाद पीडब्ल्यूडी विभाग ने निर्णय लिया है कि इंदौर के दोनों ब्रिज के डिजाइन फिर से बनाई जाएगी। नई डिजाइन को प्रदेश पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता अनुमोदन करेंगे। इसके बाद डिजाइन के प्रूफ चेकिंग आईआईटी इंदौर द्वारा जांच की जाएगी. आईआईटी द्वारा प्रूफ चेकिंग के बाद ही दोनों ब्रिज का काम शुरू होगा.
आईआईटी द्वारा स्वीकृत करने के बाद काम शुरू होगा
उक्त खबर की पुष्टि करते हुए प्रभारी कार्यपालन यंत्री गुरमीत कौर भाटिया ने बताया कि दोनों ब्रिज की डिजाइन सीई द्वारा अनुमोदन के पश्चात आईआईटी के प्रूफ चेकिंग के लिए भेजेंगे. आईआईटी द्वारा जांच और स्वीकृत करने के बाद काम शुरू होगा.
