350 रुपये में बेच रहे थे यूरिया, 89 बैग जप्त

जबलपुर:किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को कृषि अधिकारियों की टीम ने कई उर्वरक विक्रय केंद्र में दाबिश देकर जांच की। उप संचालक कृषि डॉ एस के निगम ने बताया कि किसान नेक नारायण डेहरिया ने कृष्णा कृषि केंद्र द्वारा 350 रुपये में यूरिया बेचने की शिकायत प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एस के परतेती को मोबाइल फोन पर की थी। उस समय कृषि अधिकारियों की टीम उमरिया डुंगरिया में सेंचुरी एग्रो का निरीक्षण कर रही थी।

डॉ निगम ने बताया कि शिकायत पर मौके से ही प्रभारी वरिष्ठ कृषि अधिकारी ने कृष्णा कृषि केंद्र के प्रोपराइटर को मोबाइल पर कॉन्फ्रेंस में लेकर निर्धारित दर पर यूरिया देने निर्देशित किया, लेकिन कृष्णा कृषि केंद्र के प्रोपराइटर कृष्णा साहू द्वारा कांफ्रेंस कॉल पर किसान नेक नारायण को यूरिया देने से स्पष्ट मना कर दिया गया। उप संचालक कृषि ने बताया कि इस पर टीम द्वारा तुरंत चरगवां पहुँचकर कृष्णा कृषि केंद्र का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान इस प्रतिष्ठान पर 89 बेग कृभको फर्टिलाइजर लिमिटेड की यूरिया के 89 बेग रखे रखे पाये गये। इस यूरिया के ओ फॉर्म की वैधता भी समाप्त हो गई थी। कृषि अधिकारियों की टीम ने इस यूरिया की जप्ती एवं सुपुर्दगी नामा तैयार कर इसका विक्रय प्रतिबंधित कर दिया है तथा आगे की कार्यवाही के लिये वरिष्ठ कार्यालय को प्रतिवेदन को प्रेषित कर दिया है।
इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र उमरिया डुंगरिया स्थित उर्वरक विनिर्माण इकाई सेंचुरी एग्रो तथा बिजौरी स्थित उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठान वैष्णवी कृषि केंद्र का पहुंचे, तथा अनियमितताएं पाये जाने पर इन्हें नोटिस जारी किये गये। कार्यवाही के दौरान अनुविभागीय कृषि अधिकारी पाटन डॉ इंदिरा त्रिपाठी, उर्वरक निरीक्षक शहपुरा पंकज श्रीवास्तव एवं प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी शहपुरा एस के परतेती आदि टीम उपस्थित थी।
दो केंद्रों को कारण बताओ नोटिस
सिहोरा विकासखंड के अंतर्गत खितौला स्थित प्रकाश कृषि केंद्र एवं आशा ट्रेडर्स का औचक निरीक्षण किया गया तथा अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक का विक्रय प्रतिबंधित कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। निरीक्षण के दौरान कृषि अधिकारियों द्वारा प्रतिष्ठानों में पीओएस मशीन में दर्ज उर्वरक के स्टॉक एवं भौतिक रूप से उपलब्ध स्टॉक का मिलान किया गया तथा रिकॉर्ड बुक, स्टॉक पंजी एवं बिल बुक का निरीक्षण किया गया। कृषि अधिकारियों द्वारा प्रकाश कृषि केंद्र में उर्वरक विक्रय लाइसेंस में कंपनी के प्रिंसिपल सर्टिफिकेट को संलग्न किए बिना एसएसपी तथा आशा ट्रेडर्स में यूरिया एवं पोटाश का विक्रय करना पाया गया। निरीक्षण के दौरान प्रकाश उर्वरक केंद्र द्वारा मूल्य सूची का प्रदर्शन भी नहीं किया गया। कार्यवाही अनुविभागीय कृषि अधिकारी सिहोरा मनीषा पटेल एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी जे एस राठौर ने की।

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