
खंडवा। आदिवासियों की हजारों एकड़ जमीन पर वर्षों से संभ्रांत वर्ग, माफिया और कंपनियों का अवैध कब्जा चला आ रहा है। मसाया सोलर प्लांट सहित कई अन्य प्रोजेक्ट इसी खेल का हिस्सा बताए जा रहे हैं। प्रशासनिक जांच में सामने आया कि सोलर कंपनी ने आदिवासी किसानों की जमीन पर बिना वैध अनुमति के कब्जा कर प्लांट स्थापित कर दिया।
कलेक्टर ऋषव गुप्ता की अध्यक्षता में गठित जांच दल ने पाया कि ग्राम धरमपुरी, कनवानी, भावसिंगपुरा, बड़गांव माली और सिवना में आदिवासियों की जमीन गैरकानूनी तरीके से कंपनी को हस्तांतरित की गई। बिना नामांतरण व वैध प्रक्रिया के भूमि डायवर्जन हुआ, जो म.प्र. भू-राजस्व संहिता का उल्लंघन है।
प्रशासन ने अब इस जमीन पर पुनः कब्जा लेते हुए कार्रवाई शुरू की है। यह मामला केवल एक सोलर प्लांट तक सीमित नहीं, बल्कि जिले में वर्षों से आदिवासियों की भूमि हड़पने का सुनियोजित खेल उजागर करता है। अब सवाल है कि अन्य पुराने मामलों में भी कार्रवाई कब होगी?
