बुधनी: समय सीमा समाप्त होने के चलते अब भरी बारिश में सड़क बनाने का काम किया जा रहा है. जिससे सड़क की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लग रहा है. पूरा मामला ग्राम जोशीपुर बगवाड़ा का बताया गया है.गौरतलब है कि सड़क बनाने वाले ठेकेदार गोयल कंस्ट्रक्शन द्वारा यह सड़क बनाई जा रही है. इसके साथ-साथ इन्होंने बगवाड़ा और जोशीपुर गांव में अंदरुनी सड़कें भी बनाई हैं. कुल मिलाकर यह सारा काम 7 करोड रुपए से भी अधिक का बताया गया है. पिछले दो वर्षों से यह गांव की सड़क बनाने में लगे हुए थे. अब इनकी समय सीमा समाप्त हो चुकी है.
इनके पास फ्लोरी को छोड़कर जितनी भी मशीन हैं. वह दिखावे के लिए रखी गई हैं. कुल मिलाकर सात मजदूरों से काम करवाया जा रहा है. वहीं मोबाईल की रोशनी में पुल बनाया जा रहा है. सड़क में पड़ी दरारें छुपाने के लिए उस पर मिट्टी डाल दी जा रही है. जिससे आए दिन दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं और तो और बिजली के खंभे हटाए बिना ही सीसी रोड बनाया जा रहा है. 11 हजार केवी के बिजली के खंभे सड़क के बीचों-बीच आ गए हैं. ऐसा नहीं है कि ठेकेदार के इस कृत्य की जानकारी विभाग को नहीं है कई बार इस मामले को लेकर विभाग को सूचित भी किया गया. लेकिन सीसी रोड़ का निर्माण जैसा के तेंसा किया जा रहा है.
जागरुक नागरिकों द्वारा पीडब्ल्यूडी के एसडीओ रामकुमार शर्मा को इस मामले से अवगत कराया गया. लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला. वह ग्रामीणों के सामने फोन पर ठेकेदार को डांट लगाकर चले गए और पेनाल्टी लगाने की बात कही. इसके बाद भी ठेकेदार की कार्य प्रणाली में कोई सुधार नहीं आया यहां पर जिस सड़क का उल्लेख किया जा रहा है. उसकी लागत 4 करोड़ रुपए से भी अधिक है.
मौके पर उक्त कार्य देख रहे रामनरेश सिंह नामक व्यक्ति मिलते हैं जिनका कहना है कि हम पारदर्शिता से काम कर रहे हैं विभाग ने सड़क को चेक करके हमें क्लीयरेंस दिया है सड़क से खंबे हटाना हमारा काम नहीं है. इसलिए सड़क बना दी है सड़क पर मिट्टी हमने नहीं डाली है. इस तरह कोई भी घटना दुर्घटना से उनका कोई लेना देना नहीं है. इस मामले में एमडीउईके जेई विद्युत वितरण कंपनी-यदि सड़क बनाने के दौरान इलेक्ट्रिक पोल को प्रभावित किया गया है. तो हम पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखेंगे जिससे भविष्य में घटना दुर्घटना की संभावना नहीं रहे.
