हड़ताल: एक साथ थम गाए बसों के पहिए

छिंदवाडा। कलेक्टर से जारी फरमान के बाद बस ऑपरेटरों ने हड़ताल शुरू कर दी है। जब तक संचालकों और ऑपरेटरों की मांग पूरी नहीं होगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल के बाद जिले की 350 से अधिक बसों के पहिये थम गए। बसों के पहिये थमने के बाद बस स्टैंड में सैकड़ों यात्री परेशान होते नजर आए। यात्रियों को बस ऑपरेटरों के हड़ताल की जानकारी नहीं थी। दरअसल बस ऑपरेटरों ने सभी मार्गों पर अधोषित स्टैंड बना लिए थे। जहां मनमर्जी हो बीच सडक़ में बस रोककर सवारियां भरते थे। इससे यातायात बाधित हो रहा था। बसों के अचानक रूकने से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही थी। वाहन चालकों को परेशानियां हो रही थी। इसी बात से नाराज कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने सीधे फरमान जारी कर दिया। इस फरमान में स्पष्ट तौर पर कलेक्टर ने कहा कि बस संचालक नगर निगम सीमा क्षेत्र में बस रोक कर सवारी नहीं भरेंगे। इतना ही नहीं बसस्टैंड से बस निकलने के बाद सीधे अगले आने वाले स्टाप पर ही रूकेगी। इस बात को लेकर आपरेटरों ने भारी विरोध किया। कलेक्ट्रेट में आवेदन देकर ऑपरेटरों ने सभी मार्गों पर एक स्टाप की मांग की। प्रशासन ने स्पष्ट तौर पर इंकार कर दिया। प्रशासन ने कहा कि मानसरोवर या विवेकानंद स्टैंड से निकलने के बाद नगर निगम सीमा क्षेत्र में कहीं बस नही रूकेगी। बस ऑपरटरों ने अनिश्चित कालीन हड़ताल कर दी है। उनका कहना है कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल होने से मरीज, कंपनी के कर्मचारी, गुरूपूर्णिमा में जामसांवली, झौंतेश्वर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर पहुंचने वाले लोग परेशान होते रहे। इधर कलेक्टर के फरमान के बाद बस ऑपरेटरों और संचालकों की प्रशासन के साथ बैठक हुई थी। इस बैठक में ऑपेरटरों ने मांग की थी कि सभी मार्गों पर सवारियों के लिए एक अतिरिक्त स्टाप दिया जाए। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के जुर्माना लगाना बंद किया जाए। जनहित में निर्णय लिए जाएं, जिससे सवारियों को बैठा सकें। प्रशासन ने स्पष्ट तौर पर इंकार कर दिया।

 

इनका कहना है…

 

भाई अपनी बहन को लखनादौन छोडऩे के लिए बसस्टैंड पहुंचा था। यहां तकरीबन एक घंटे परेशान होते रहा। जब उसे पता चला कि हड़ताल है, वह वापस घर लौट गया।

 

ओमकार यादव, खैरी भुताई

 

जॉब से अवकाश के बाद छिंदवाड़ा घर आए हुए थे। गुरूवार को वह अपने परिवार के नागपुर वापस लौट रहे थे। जब उन्हें पता चला कि हड़ताल है, तो वापस घर लौट गए।

 

पजंवराव कराड़े, साईंनगर छिंदवाड़ा

 

सरकारी अस्पताल में पत्नी तीन दिन से भर्ती थी। गुरूवार को डिस्चार्ज होने के बाद पत्नी को लेकर बस स्टैंड पहुंचा। हड़ताल के कारण बस नहीं मिली। आखिरकार अस्पताल लौट गया।

 

दयाशंकर वर्मा, सकरवाड़ा अमरवाड़ा

 

गुरूपूर्णिमा मनाने के लिए परिवार को जामसांवरी जाना था। हड़ताल होने के कारण बस नहीं मिली। अन्य संसाधनों के लिए परेशान होते रहे। आखिरकार घर वापस लौट गए।

 

बलराम चंद्रवंशी, मुजावर ढाना

 

हम प्रशासन की किसी बात का विरोध नहीं कर रहे है। हमें बस स्टैंड के अलावा चारों पांचों मार्गों में एक-एक स्टॉप और दिया जाए। प्रशासन ने इस मांग को मानने से इंकार कर दिया है। ऐसे में सवारियों को भी बस के अलावा ऑटो का अतिरिक्त किराया देना पड़ेगा। जब तक प्रशासन हमारी मांगों को नहीं मानेगा, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

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