मुंबई, 10 जुलाई (वार्ता) स्थानीय शेयर बाजारों में गुरुवार को बिकवाली का दबाव बढ़ने से लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गयी और प्रमुख शेयर सूचकांक 0.27 प्रतिशत से 0.47 प्रतिशत टूट गए ।
विश्लेषकों के अनुसार कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों को जारी किए जाने की शुरुआत से पहले बाजार में सतर्कता का रुख बढ़ा हुआ था। बुधवार को बाजार दिन भर सीमित दायरे में घट बढ़ के बाद कारोबार के आखिरी दौर में तेज बिकवाली के दबाव में टूट कर बंद हुआ था।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 345.80 अंक (0.41प्रतिशत) गिर कर 83,190.28 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी 120.85 अंक (0.47 प्रतिशत) घट कर 25355.25 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में 24 शेयर घाटे में रहे और छह में लाभ हुआ।
मारुति सबसे अधिक 1.36 प्रतिशत लाभ पर बंद हुआ। टाटा स्टील (1.04) , बजाज फाइनेंस (0.72), बजाज फाइनेंशियल सर्विसेज (0.65), ट्रेंट (0.41) और टाटा मोटर्स भी (0.38 प्रतिशत) लाभ में रहे। घाटे में रहे शेयरों में भारती एयरटेल का भाव 2.62 प्रतिशत टूटा जबकि एक्सिस बैंक में सबसे कम 0.02 प्रतिशत का घाटा रहा। एशियन पेंट, इन्फोसिस, बीईएल, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक., टीसीएस , भारतीय स्टेट बैंक , टाइटन , आईसीआईसीआईसी आई बैंक जैसे प्रमुख शेयरों में घाटा हुआ।
निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस 0.27 प्रतिशत और निफ्टी बैंक 0.45 प्रतिशत घाटे में रहा। निफ्टी मिडकैप और स्मालकैप क्रमश 0.30 प्रतिशत और 0.27 प्रतिशत घट कर बंद हुए।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के अनुसंधान प्रमुख,विनोद नायर ने बाजार की स्थिति पर संक्षिप्त टिप्पणी में कहा, ‘
टीसीएस के पहली तिमाही के नतीजों से पहले इस सीजन में आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) और वित्त क्षेत्रों की धीमी शुरुआत की आशंका के चलते निवेशकों का रुझान सतर्क बना हुआ है।” उन्होंने कहा , ‘ इस बीच, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में गिरावट का रुझान सीमित रहा। यह लार्ज-कैप शेयरों की तुलना में इन खंडों में निवेशक बेहतर आय परिदृश्य की उम्मीद कर रहे हैं। श्री नायर की राय में “यह निवेशकों की प्रतीक्षा और निगरानी की रणनीति को दर्शाता है।”

