नागपुर, 09 जुलाई (वार्ता) महाराष्ट्र के विदर्भ में बुधवार को लगातार तीसरे दिन भारी बारिश जारी रहने से जिले में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए और निचले इलाकों के घरों में पानी भर गया।
मंगलवार रात से हो रही भारी के कारण नागपुर शहर और उसके आसपास के इलाकों में बाढ़ आ गई और जिले के कई गाँवों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए और बाढ़ प्रभावित गाँवों तक पहुँचना मुश्किल हो गया।
भारी बारिश के कारण शहर के पास पोहरा और पिवली नदियाँ उफान पर थीं जिससे बाढ़ का पानी नदी किनारे की बस्तियों में घुस गया और ओहरा नदी के किनारे बसे नरसला, बेसा और पिपला गाँव जलमग्न हो गए। बाढ़ में फंसे 50 से ज़्यादा लोगों को बचा लिया गया।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमों ने नरसला गाँव में बाढ़ में फंसे 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है। बचाव अभियान जारी है।
पूर्वी नागपुर में उफनती पिवली नदी के किनारे पवनगाँव और नवकन्यानगर गाँव में फंसे चौदह लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया। गढ़चिरौली, भंडारा और गोंदिया के कई गाँवों का भी बाढ़ प्रभावित गाँवों से संपर्क टूट गया है।
नागपुर में आज सुबह 8.30 बजे तक पिछले 12 घंटों में कुल 202.4 मिमी बारिश हुई। दिन भर बारिश जारी रही। उमरेड़ तालुका में सुबह तक रिकॉर्ड 284.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
